Dr Swati Shah · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre — देश के प्रमुख cancer संस्थानों में प्रशिक्षण, surgical oncology में पूरी योग्यता, और हर हफ़्ते urological cancer के operations.
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Penile Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Google: 85 reviews पर 4.99 (Gota clinic) · 28 reviews पर 5.0 (Apollo, Bhat)
यह page उस आदमी के लिए है जिसे बताया गया है कि penis पर का घाव cancer है — और उसके साथ बैठी पत्नी, बेटे या बेटी के लिए। क्या बचाया जा सकता है और क्या नहीं, groin का operation क्यों करना पड़ता है, और पेशाब तथा sexual function पर इसका क्या असर पड़ता है। लिखने वाली हैं Dr Swati Shah, Penile Cancer Surgeon, Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar.
सबसे पहले वह सवाल, जो हर परिवार पूछना चाहता है पर पूछ नहीं पाता: क्या यह सिर्फ़ infection नहीं हो सकता? और क्या सब कुछ निकाल देंगे? पहले सवाल का जवाब biopsy देती है, दूसरे का जवाब ज़्यादातर मामलों में “नहीं” है — और यह page दोनों को खोलकर समझाता है।
यहाँ आने वाले लगभग हर आदमी की कहानी एक जैसी होती है। चमड़ी के नीचे एक घाव, जो भरता नहीं। पहले antibiotic, फिर antifungal cream, फिर एक और कोर्स। महीने यूँ ही निकल जाते हैं। जब आख़िरकार biopsy होती है, तब बात सिर्फ़ penis की नहीं रह जाती — जांघ की गाँठों की भी हो जाती है।
देर होना आपकी ग़लती नहीं है। दुनिया में सबसे ज़्यादा penile cancer के मरीज़ भारत में हैं, और यहाँ देर से आना अपवाद नहीं, आम बात है। अब ज़रूरी यह है कि आगे के फ़ैसले सही क्रम में लिए जाएँ।
Penis पर चार हफ़्ते से ज़्यादा पुराना कोई भी घाव, चकत्ता, मस्से जैसी बढ़त या सख़्त हिस्सा — उसकी biopsy होनी चाहिए, एक और cream नहीं। “एक कोर्स और ले लीजिए, महीने बाद दिखाइए” — यही एक आदत इस बीमारी में देर से पकड़ में आने की सबसे बड़ी वजह है।
निशानियाँ बिल्कुल मामूली दिखती हैं, और परेशानी भी यही है। न भरने वाला घाव। Glans पर मोटा या रंग बदला हुआ चकत्ता। चमड़ी के नीचे से ख़ून या बदबूदार पानी। बड़ी उम्र में अचानक चमड़ी का कसना, जो पहले कभी नहीं था। इनमें से कुछ भी एक महीने से ज़्यादा चले, तो biopsy होने तक उसे cancer ही मानना चाहिए।
एक स्थिति अलग से कहने लायक़ है, क्योंकि वह बार-बार छूट जाती है। कोई आदमी सिर्फ़ जांघ की गाँठें लेकर आता है और penis पर ऊपर से कुछ नहीं दिखता। तब चमड़ी पूरी पीछे करके glans देखना ज़रूरी है। असली गाँठ उसी के नीचे छिपी होती है — सोच से कहीं ज़्यादा बार।
Biopsy report की चार बातें पूरा plan तय करती हैं: grade, गाँठ कितनी गहरी उतरी है, lymphovascular invasion है या नहीं, और perineural invasion है या नहीं। ये चार, और operating surgeon द्वारा दोनों groin की ख़ुद जाँच — यही तय करते हैं कि nodes का operation ज़रूरी है या नहीं।
चमड़ी पूरी पीछे करके punch या incisional biopsy ली जाती है। Report में histological subtype, grade, गहराई, lymphovascular invasion, perineural invasion और HPV/p16 status लिखा होना चाहिए। आपके हाथ में जो report है उसमें lymphovascular invasion का ज़िक्र न हो, तो treatment plan बनने से पहले यह पूछ लीजिए — groin का फ़ैसला इसी पर टिका है।
फिर Dr Swati Shah ख़ुद दोनों groin देखती हैं और जो मिलता है वह लिखा जाता है: गाँठ का आकार, कितनी, किस तरफ़, हिलती है या नहीं, ऊपर की चमड़ी चिपकी है या नहीं। Scan इस जाँच की जगह नहीं ले सकता। जहाँ गाँठ हाथ में आती है, वहाँ सुई से जाँच — FNAC — तेज़, सस्ती और निर्णायक है; positive आने पर मरीज़ सीधे definitive nodal pathway पर चला जाता है और एक ग़ैरज़रूरी staging procedure बच जाती है।
साफ़ margin अब millimetre में नापा जाता है, centimetre में नहीं। गाँठ से दो centimetre आगे तक काटने का पुराना नियम अब नहीं चलता — और इसी एक बदलाव की वजह से आज बहुत से मरीज़, जिनका पहले amputation होता, काम करता penis बचा लेते हैं।
कितना निकालना है यह गाँठ तय करती है, परंपरा नहीं। जहाँ बीमारी इजाज़त देती है, Dr Swati Shah वही सबसे छोटा operation चुनती हैं जो cancer पूरा साफ़ कर दे, और operation के दौरान ही frozen section पर margin जाँच लेती हैं — हफ़्ते भर इंतज़ार करके नहीं।
| Operation | कब उपयुक्त | बाद में क्या रहता है |
|---|---|---|
| सिर्फ़ Circumcision | बीमारी सिर्फ़ चमड़ी तक | चमड़ी के अलावा पूरा penis सामान्य |
| Glans resurfacing | Carcinoma in situ और चुनिंदा शुरुआती मामले | पूरी लंबाई, ऊपरी संवेदना बदली हुई |
| Wide local excision | सिरे से दूर के छोटे घाव | पूरी लंबाई, छोटा गड्ढा |
| Glansectomy के साथ skin graft | बीमारी सिर्फ़ glans तक — यही सबसे ज़्यादा होने वाला operation | Shaft की पूरी लंबाई, बनाया हुआ नया सिरा, खड़े होकर पेशाब, ज़्यादातर में संबंध भी संभव |
| Laser | चुनिंदा सतही मामले, अगर follow-up पक्का हो | दिखने में सामान्य, पर बीमारी लौटने का ख़तरा ज़्यादा |
जिनकी बीमारी glans तक सीमित है, उनमें से ज़्यादातर को graft के साथ glansectomy ही बताया जाता है। इसमें shaft की लंबाई बची रहती है, और उसके साथ खड़े होकर पेशाब करना और ज़्यादातर मामलों में संबंध भी। बदलता है सिरे का रूप और वहाँ की संवेदना। यह सचमुच का नुक़सान है और इसकी बात operation से पहले होती है, बाद में नहीं।
आख़िरी pathology में margin साफ़ न निकले तो यह आफ़त नहीं है — पर उस पर तुरंत re-excision करना पड़ता है, देखते रहना नहीं चलता।
Partial penectomy तब की जाती है जब कोई छोटा operation cancer साफ़ नहीं कर सकता, पर खड़े होकर पेशाब करने लायक़ लंबाई बच जाती है। Total penectomy के साथ perineal urethrostomy तब, जब गाँठ जड़ तक पहुँच चुकी हो — उसके बाद पेशाब हमेशा बैठकर करना पड़ता है। यह जोखिम नहीं, तय बात है, और consent से पहले साफ़ कहा जाता है।
यह मेरी practice की सबसे कठिन बातचीत है, और मैं इसे न किसी और को सौंपती हूँ न operation से एक दिन पहले निपटाती हूँ। जिस अंग से आदमी की अपनी पहचान जुड़ी है, उसे निकालने की सहमति देने से पहले उसे पूरी बात जानने का हक़ है। Operation के बाद की सबसे आम शिकायत दर्द की होती ही नहीं — “मुझे किसी ने बताया ही नहीं था कि ऐसा होगा” होती है।
इसलिए तय बातें पहले कही जाती हैं, जोखिमों की सूची बाद में। Partial या total penectomy के बाद penis का रूप हमेशा के लिए बदल जाएगा और वापस नहीं आएगा। पेशाब की धार हमेशा के लिए बदलेगी। Sexual function हमेशा के लिए बदलेगा — partial penectomy के बाद संबंध शायद संभव रहें, पर एहसास और रूप बदले हुए रहेंगे; total penectomy के बाद penetrative संबंध संभव नहीं। Total penectomy के बाद अंडकोष के पीछे एक नया मुँह बनाया जाता है — perineal urethrostomy — और पेशाब जीवन भर बैठकर करना होता है।
मरीज़ इजाज़त दे तो पत्नी को भी उसी बैठक में समझाया जाता है। Penis का reconstruction भारत में तकनीकी रूप से संभव है, पर लगभग कभी insurance में नहीं आता, और उसका विचार cancer साफ़ होने और कुछ समय रोगमुक्त रहने के बाद ही होता है। यहाँ इसे आम उम्मीद की तरह पेश नहीं किया जाता — उम्मीद देकर वापस लेना, उम्मीद न देने से बुरा है।
जांघ की lymph nodes में बीमारी पहुँची है या नहीं — पेनाइल कैंसर आगे कैसा व्यवहार करेगा, इसकी यही सबसे मज़बूत निशानी है, घाव के आकार से भी मज़बूत। इसीलिए groin को देखते रहने के बजाय सक्रिय रूप से जाँचा जाता है।
Penis का निकास दोनों जांघों के ऊपरी मोड़ में मौजूद lymph nodes में होता है। गाँठ से छूटी कोशिकाएँ सबसे पहले वहीं पहुँचती हैं। छोटा घाव हो पर groin nodes में बीमारी हो — यह उससे ज़्यादा गंभीर है जिसमें घाव बड़ा हो और nodes साफ़ हों। मूल गाँठ का T stage इसीलिए मायने रखता है कि वह nodes का हाल बताता है।
| Nodes की स्थिति | क्या किया जाता है | क्यों |
|---|---|---|
| गाँठ हाथ में नहीं आती, मूल बीमारी सबसे कम जोखिम की | हर तीन महीने दोनों groin की जाँच। Groin का operation नहीं | छिपी बीमारी की संभावना नगण्य; operation का सिर्फ़ नुक़सान, फ़ायदा नहीं |
| गाँठ हाथ में नहीं आती, पर मूल बीमारी मध्यम या ज़्यादा जोखिम की | Groin की surgical staging — यह वैकल्पिक नहीं है | इनमें से अच्छी-ख़ासी संख्या में हाथ में न आने वाली nodes में बीमारी होती है |
| गाँठ हाथ में आती है, FNAC positive, बहुत बड़ी नहीं | उस तरफ़ का पूरा lymph node dissection; दूसरी तरफ़ की staging | जानी हुई बीमारी निकाली जाती है; सामने की तरफ़ साफ़ मान नहीं ली जाती |
| बड़ी, चिपकी हुई या दोनों तरफ़ की गाँठें | पहले chemotherapy, फिर restaging, फिर जिन पर असर हुआ उनका operation | चिपकी बीमारी में पहले operation करने से गाँठ पीछे रह जाती है और लंबी तकलीफ़ बेकार जाती है |
| Groin की pathology में भारी nodal बीमारी | उस तरफ़ का pelvic lymph node dissection जोड़ा जाता है | यहाँ तक पहुँची बीमारी आगे pelvis तक जाती है |
यहाँ एक बात ख़ास तौर पर इस बारे में है कि अहमदाबाद में असल में क्या हो सकता है, और Dr Swati Shah इसे छिपाती नहीं। जिनकी nodes हाथ में नहीं आतीं पर मूल बीमारी मध्यम या ज़्यादा जोखिम की है, उनके लिए international guideline sentinel node biopsy को पहली पसंद बताती है — एक छोटा, कम तकलीफ़ वाला operation जो सबसे पहली node जाँचता है। इसके लिए radioactive tracer, उसी दिन का nuclear medicine scan और प्रशिक्षित probe team — तीनों एक साथ चाहिए, और यह संयोजन यहाँ भरोसे के साथ नहीं मिलता।
जब operation के दिन इसकी पक्की गारंटी न हो, तो जवाब “groin को देखते रहते हैं” नहीं है। जवाब है — उसकी जगह सीमित, modified lymph node dissection करना। Tracer नहीं था इसलिए मध्यम जोखिम वाली groin को देखते रहना — इस बीमारी में यही सबसे भारी पड़ने वाली ग़लती है, और यहाँ वह नहीं की जाती।
Groin dissection एक open operation है, और उसके दौरान लिए गए दो तकनीकी फ़ैसले तय करते हैं कि बाद में पैर सूजेगा या नहीं: जहाँ cancer इजाज़त दे वहाँ saphenous vein बचाना, और चमड़ी पतली हो वहाँ खुली नसों को मांसपेशी से ढकना।
जिस groin की चमड़ी पतली हो या जहाँ पहले radiotherapy हुई हो, वहाँ plastic surgeon पहले से बुक किया जाता है — शाम छह बजे नहीं। दोनों groin में suction drains रखी जाती हैं और output कम होने तक रहती हैं। भर्ती छोटी करने के लिए drain जल्दी नहीं निकाली जाती — उसके बाद भरने वाला पानी drain से ज़्यादा तकलीफ़ देता है।
तय groin dissection से पहले diabetes क़ाबू में लाई जाती है, तंबाकू छुड़ाई जाती है और खानपान सुधारा जाता है। यह काग़ज़ी एहतियात नहीं है। बेक़ाबू diabetes वाले मरीज़ का groin dissection करने से घाव तीन महीने की समस्या बन जाता है।
Groin की गाँठें बड़ी, नसों से चिपकी या दोनों तरफ़ हों तो पहले chemotherapy दी जाती है, फिर विधिवत restaging होती है, और जिन पर असर हुआ उनका operation होता है। इस हालत में पहले operation करने से आमतौर पर गाँठ पीछे रह जाती है।
भारत में यही सबसे आम स्थिति है, और European guideline इसी के साथ सबसे कम न्याय करती है — क्योंकि वह शुरुआती, हाथ में न आने वाली nodes वाली बीमारी के इर्द-गिर्द लिखी गई है। Consent के वक़्त एक बात खुलकर कही जाती है: इस क्रम के सवाल को सुलझाने के लिए बना बड़ा trial अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए यह सिफ़ारिश छोटे अध्ययनों और विशेषज्ञों की सहमति पर टिकी है, सबसे ऊँचे दर्जे के प्रमाण पर नहीं। Dr Swati Shah इसे पक्की बात बताने के बजाय ऐसे ही कहती हैं।
पेनाइल कैंसर की सर्जरी के बाद recovery दो अलग घड़ियों पर चलती है — penis हफ़्तों में भरता है, groin महीनों में। आप किस घड़ी पर हैं यह पता हो तो परिवार की ज़्यादातर परेशानी टल जाती है।
| Function | पहले पखवाड़े | तीन महीने पर | लंबे समय में |
|---|---|---|---|
| पेशाब | कुछ दिन catheter; शुरू में धार फैलती या टेढ़ी जाती है | धार जम जाती है; perineal urethrostomy हो तो बैठकर | मुँह सिकुड़ सकता है — इलाज है; ज़ोर लगे या धार फैले तो जल्दी बताइए |
| Penis का घाव या graft | Dressing; पहली मुलाक़ात पर graft जमा या नहीं, जाँचा जाता है | भरा हुआ, रूप स्थिर | Amputative surgery के बाद रूप हमेशा के लिए बदला हुआ |
| Sexual function | अभी विषय नहीं; इसकी बात operation से पहले हो चुकी होती है | असली तस्वीर साफ़ होती है | Penis बचाने वाली surgery के बाद बदला हुआ; total penectomy के बाद penetrative संबंध संभव नहीं |
| Groin के घाव | Drains चालू; चमड़ी के किनारे रोज़ देखे जाते हैं — घाव खुलना इसी समय दिखता है | अक्सर अब भी dressing चालू; यह सामान्य है, नाकामी नहीं | निशान और जांघ के ऊपरी हिस्से में स्थायी सुन्नपन |
| पैर | पैर ऊँचे रखना, compression सिखाया जाता है | सूजन अब शुरू हो सकती है, शुरुआत में नहीं | सूजन शुरू हो जाए तो ठीक नहीं होती, जीवन भर संभालनी पड़ती है — skin care, पैर ऊँचे, compression स्थायी आदत |
पैर की सूजन के बारे में एक बात अलग से। मरीज़ यही complication याद रखते हैं, यह अक्सर सब कुछ भर जाने के हफ़्तों बाद शुरू होती है, और चमड़ी का हर infection इसे हमेशा के लिए और बिगाड़ देता है। इसीलिए physiotherapy का reference और compression stocking छुट्टी से पहले ही तय कर दिए जाते हैं, पहली तकलीफ़ के बाद नहीं — और पैर लाल, गरम या दर्द वाला हो तो उसी हफ़्ते इलाज होता है।
★★★★★
“We came from Surendranagar for Treatment of penis cancer. Dr swati shah operated my father and done surgery...After surgery he is very well . From deep down thanking u Dr swati shah. She is best uro gynac cancer surgeon in Ahmedabad Gujarat...”
BHARATKUMAR JADAV · Google review, Gota clinic
पेनाइल कैंसर ऐसी बीमारी है जिसकी बात मर्द सार्वजनिक रूप से नहीं करते, इसलिए इसके सार्वजनिक अनुभव बहुत कम हैं। इस operation के लिए अहमदाबाद आए एक परिवार ने Google पर नीचे लिखा — जैसा लिखा था, वैसा ही।
हमारी Google listings पर यही एक review है जो इस बीमारी का नाम लेता है, और वह बिना किसी सुधार के यहाँ रखा गया है। Page ज़्यादा प्रमाणित दिखे, इसके लिए दूसरे cancer के reviews यहाँ नहीं लगाए जाते।
पेनाइल कैंसर की सर्जरी, इलाज और recovery पर Dr Swati Shah की अपनी व्याख्या नीचे है।
इस line के और मरीज़ों के अनुभव तथा छोटी व्याख्याएँ हमारे testis और penile cancer video testimonials page पर और educational videos संग्रह में हैं।
पहली मुलाक़ात से पूरी भरपाई तक, Apollo Hospital, Bhat में पेनाइल कैंसर का इलाज पाँच चरणों में चलता है। ज़्यादातर मरीज़ संपर्क करने के एक हफ़्ते के भीतर पहले दो चरण पूरे कर लेते हैं।
पेनाइल कैंसर के इलाज का ख़र्च penis के operation से ज़्यादा दो और बातें तय करती हैं: groin dissection एक तरफ़ करना है या दोनों, और बाद में reconstruction या लंबी groin की देखभाल चाहिए या नहीं। दोनों बातें scheduling से पहले तय होती हैं, भर्ती के दौरान नहीं।
अनुमान किससे बदलता है: एक groin या दोनों, चमड़ी के लिए plastic surgery का flap चाहिए या नहीं, drains कितने दिन रहती हैं, surgery से पहले chemotherapy देनी पड़ती है या नहीं, और diabetes जैसी दूसरी तकलीफ़ें भर्ती कितनी लंबी करती हैं। Penis का operation शायद ही कभी महँगा हिस्सा होता है।
Apollo Hospital, Bhat प्रमुख insurance कंपनियों और Ayushman Bharat से जुड़ा है। Cover हो तो pre-authorisation hospital की अपनी team भर्ती से पहले करती है; policy का विवरण reports के साथ भेज दीजिए तो medical planning के साथ-साथ वह भी शुरू हो जाता है। ख़ुद ख़र्च उठाने वाले परिवार को plan तय होने के बाद लिखित अनुमान मिलता है, और उसमें सबसे ज़्यादा फ़र्क़ groin का फ़ैसला डालता है।
पहले दो साल हर तीन महीने दोनों groin की डॉक्टर द्वारा जाँच होती है, क्योंकि बीमारी लौटे तो उसी समय लौटती है और तभी उसका इलाज संभव होता है। भारत में surgeon से ज़्यादा मरीज़ ख़ुद recurrence पकड़ता है — इसलिए आपको और आपकी पत्नी को groin जाँचना सिखाया जाता है।
यहाँ जाँच scan से बेहतर है। हर मुलाक़ात पर penis या बचा हुआ हिस्सा, पेशाब का मुँह और दोनों groin देखे जाते हैं, पैर नापे जाते हैं, और function के बारे में सीधे पूछा जाता है — यह इंतज़ार नहीं किया जाता कि मरीज़ ख़ुद बात छेड़े। Nodes positive रही हों वहाँ scan इस्तेमाल होते हैं।
ज़्यादातर नहीं। जिनकी बीमारी glans तक सीमित है उनमें से अधिकतर graft के साथ glansectomy से shaft की लंबाई बचा लेते हैं। पूरा निकालना तभी, जब गाँठ जड़ तक पहुँची हो।
Penis बचाने वाली surgery के बाद और ज़्यादातर partial penectomy के बाद, हाँ। Total penectomy के बाद नहीं — पेशाब अंडकोष के पीछे बने मुँह से बैठकर, हमेशा के लिए।
Penis बचाने वाली surgery के बाद आमतौर पर हाँ, बदले हुए एहसास और रूप के साथ। Partial penectomy के बाद शायद संभव। Total penectomy के बाद penetrative संबंध संभव नहीं। आप इजाज़त दें तो यह बात पत्नी की मौजूदगी में होती है।
नहीं। यह चमड़ी के नीचे की लंबे समय की जलन, साफ़-सफ़ाई की कमी और HPV से जुड़ा है — बवासीर या साधारण infection से नहीं। और यह किसी की सज़ा नहीं है; यह एक बीमारी है जिसका इलाज है।
क्योंकि पेनाइल कैंसर में हाथ में न आने वाली nodes में बीमारी इतनी आम है कि गाँठ दिखने का इंतज़ार करना जान गँवाने जैसा है। आपकी biopsy में grade ज़्यादा हो या नसों-नाड़ियों में उतराई हो, तो groin की surgical staging होती है।
Groin dissection से पहले diabetes क़ाबू करने, तंबाकू छोड़ने और खानपान सुधारने के लिए कुछ हफ़्ते — वह समय सार्थक है और अक्सर सलाह भी यही होती है। पर बिना निदान वाले घाव पर कुछ और महीने cream — वह नहीं।
Dr Swati Shah I Robotic Uro Oncologist I Prostate, Kidney, Bladder Cancer specialist
Gota, Ahmedabad, Gujarat
Gota clinic का रास्ता
Dr Swati Shah Uro Oncologist I Prostate, Bladder, Kidney Cancer I Robotic surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar, Gujarat
Apollo Hospital, Bhat का रास्ता
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Dr Swati Shah अहमदाबाद में Gota OPD में मरीज़ देखती हैं और Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar में operation करती हैं। सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और राजस्थान से आने वाले मरीज़ पहले से फ़ोन कर लें तो मुलाक़ात और जाँच एक ही फेरे में पूरी हो जाती है।
पेनाइल कैंसर में दो ही सवाल सब कुछ तय करते हैं: लिंग (penis) का कितना हिस्सा निकालना पड़ेगा, और जांघ की lymph nodes का क्या करना है। ये दो अलग फ़ैसले हैं, अलग वक़्त पर लिए जाते हैं, और इनमें से सिर्फ़ एक ही ज़िंदगी तय करता है। Call +91 63590 11009 WhatsApp करें
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