WhatsApp

अंडकोष cancer के बाद कब-कब दिखाएँ, क्या जाँचते हैं?

अंतिम अपडेट: 07-Oct-2026

Call करें +91-63590-11009   Visit से पहले reports भेजें

Dr Swati Shah, testicular cancer surgeon, अहमदाबाद
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Testicular Cancer Surgeon
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad · 18 साल का अनुभव
संक्षेप में

Cancer सिर्फ़ अंडकोष तक हो, ऐसे ज़्यादातर पुरुषों में surveillance ही इलाज है, इसलिए हर visit दवा की ख़ुराक की तरह समय पर होती है.

Surveillance में पहले दो साल हर तीन महीने AFP, hCG और LDH के साथ visit होती है, फिर पाँच साल तक हर छह महीने.

Blood markers और scan दोनों ज़रूरी हैं, क्योंकि कभी बीमारी सिर्फ़ scan में दिखती है और कभी सिर्फ़ खून में.

यहाँ follow-up इलाज का ही हिस्सा है

OPD में अक्सर सवाल आता है: “रिपोर्ट सब नॉर्मल है, फिर बार-बार आने की क्या ज़रूरत?” इसका जवाब इस बात में है कि इस cancer में follow-up किस काम आता है.

अंडकोष निकालने के बाद, जिनका cancer फैला नहीं है, ऐसे ज़्यादातर पुरुषों को और इलाज की जगह surveillance दिया जाता है. Surveillance यानी अभी chemotherapy नहीं, पर नियमित जाँच, ताकि बीमारी लौटे तो जल्दी पकड़ी जाए और इलाज हो.

यह तभी काम करता है जब जाँचें समय पर हों. इसलिए surveillance को इलाज जितनी गंभीरता से चलाया जाता है, और पहले दो साल visits ज़्यादा बार होती हैं.

एक surgeon के तौर पर कहूँ — surveillance चुनने से पहले मैं सीधा सवाल पूछती हूँ: क्या आप नियमित आ पाएँगे? दूरी, बदलती नौकरी या phone न होने से आना सच में मुश्किल हो, तो फ़ेल होने वाले schedule की जगह carboplatin की एक dose पर खुलकर बात होती है.

पहली मुलाक़ात: ऑपरेशन के दो हफ़्ते बाद

ऑपरेशन के लगभग दो हफ़्ते बाद OPD में आना है. यह visit आगे का सब तय करती है:

  1. Wound देखा जाता है.
  2. Pathology report समझाई जाती है: गांठ का प्रकार, और बीमारी लौटने की संभावना बदलने वाली बातें.
  3. Staging CT का नतीजा देखा जाता है.
  4. Markers वापस नॉर्मल हुए या नहीं, यह जाँचा जाता है.
  5. Medical oncologist के पास referral होता है.
  6. Sperm banking हुआ, इसकी पुष्टि होती है, या न हुआ हो तो कारण लिखा जाता है.

आपका follow-up रास्ता इसी visit में तय होता है, और उसका schedule लिखकर दिया जाता है.

पहले दो साल: हर तीन महीने

Surveillance में पहले दो साल ज़्यादा ध्यान माँगते हैं. हर तीन महीने:

  • blood markers: AFP, beta-hCG और LDH
  • clinical review: नई तकलीफ़ के बारे में सवाल और जाँच

इन दो सालों में तय समय पर पेट और pelvis का CT scan EAU 2026 protocol के अनुसार होता है. छाती का scan होगा या नहीं, और कौन-सा, यह आपके जोखिम से तय होता है. सही महीने दो हफ़्ते वाली visit में आपके schedule में लिखे जाते हैं.

तीसरे से पाँचवें साल: हर छह महीने

तीसरे साल से clinical review और markers हर छह महीने होते हैं, और scan कम हो जाते हैं.

Visits कम होने का मतलब यह नहीं कि ख़तरा चला गया. मतलब यह है कि जाँचें अब ख़तरे के हिसाब से रखी गई हैं.

Schedule आपके इलाज पर निर्भर है

सबके लिए एक ही follow-up schedule नहीं होता. Plan इलाज के हिसाब से चलता है:

  • सिर्फ़ surveillance: ऊपर वाला schedule.
  • Carboplatin की एक dose के बाद, या chemotherapy के बाद: protocol में उस इलाज का अलग schedule. दोनों के लिए एक schedule कभी नहीं चलता.
  • RPLND के बाद (पेट के पीछे की lymph nodes निकालने का ऑपरेशन): review और markers ऊपर की तरह, और scan निकाली गई nodes में क्या मिला उसके हिसाब से. Teratoma मिला हो, तो देर से लौटने वाली बीमारी पर ज़्यादा लंबे समय तक नज़र रखी जाती है.

ख़ून की जाँच और scan, दोनों ज़रूरी

Markers scan की जगह नहीं लेते, और scan markers की जगह नहीं लेता. यह cancer कभी कोई marker बढ़ाए बिना सिर्फ़ scan में लौटता है. कभी scan में कुछ दिखने से पहले खून में दिखता है.

इसलिए दोनों तय अंतराल पर, तय समय तक होते हैं. एक नॉर्मल आया तो दूसरा छोड़ दिया, तो बीच में ख़ाली जगह रह जाती है.

कोई marker बढ़े, तो सिर्फ़ इंतज़ार नहीं किया जाता. Scan से दोबारा staging होती है, और उसी हफ़्ते tumour board आपके case पर चर्चा करता है.

कबक्या जाँचा जाता हैक्या खोजा जाता है
ऑपरेशन के दो हफ़्ते बादWound, pathology, staging CT, markers, sperm bankingMarkers नॉर्मल हुए? कौन-सा follow-up रास्ता?
पहले दो साल, हर 3 महीनेAFP, beta-hCG, LDH; clinical review; तय समय पर पेट और pelvis का CTखून में या scan में, बीमारी का जल्दी लौटना
तीसरे से पाँचवें साल, हर 6 महीनेClinical review और markers; कम scanदेर से लौटने वाली बीमारी
इलाज के एक साल बाद, फिर समय-समय परसुबह का testosteroneइलाज के बाद hormone कम होना
हर महीने, घर परदूसरे अंडकोष की ख़ुद जाँचनई गांठ
पाँच साल के बादSurvivorship plan; heart और metabolic जाँचदेर से लौटने वाली बीमारी; इलाज के लंबे असर

दो मुलाक़ातों के बीच जल्दी बताने वाले संकेत

हर महीने बचे हुए अंडकोष की ख़ुद जाँच करें. दूसरे अंडकोष में नई गांठ हो सकती है; कैसे जाँचें, यह टीम पहली visit में सिखाती है.

इनमें से कुछ भी दिखे, तो अगली visit का इंतज़ार न करें:

  1. बचे हुए अंडकोष में नई गांठ या सख़्ती.
  2. नया कमर दर्द, या पेट में हाथ लगने वाली गांठ, सालों बाद भी.
  3. बाहर कराए test में AFP, hCG या LDH बढ़ा हुआ आए.

पाँच साल बाद follow-up बदल जाता है

इस बीमारी में देर से लौटना सच में होता है. सालों बाद late relapse, या धीरे-धीरे बढ़ता teratoma, कमर दर्द या गांठ के रूप में दिख सकता है. बढ़ते teratoma का इलाज ऑपरेशन है, chemotherapy नहीं.

इसलिए survivorship plan के बिना किसी को छुट्टी नहीं दी जाती. इसमें शामिल है:

  • एक साल पर और फिर समय-समय पर सुबह का testosterone, और कम होने से तकलीफ़ हो तो इलाज
  • heart की सेहत और metabolic जाँच, जैसे blood pressure, sugar और cholesterol
  • cisplatin के बाद सुनने में फ़र्क लगे तो hearing test
  • fertility review, और ज़रूरत हो तो assisted reproduction में मदद
  • इलाज के बाद दूसरा, अलग cancer हो सकता है, यह जानकारी, ताकि नई तकलीफ़ अनदेखी न हो

बाहर कराए tests की reports पहले से भेजी जा सकती हैं, ताकि visit शुरू होने तक वे पढ़ी जा चुकी हों. फ़ैसला visit में, जाँच के बाद होता है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एक साल से markers नॉर्मल हैं. क्या इस बार CT छोड़ सकते हैं?

नहीं. यह cancer कभी कोई marker बढ़ाए बिना सिर्फ़ scan में दिखता है. इसलिए खून की जाँच नॉर्मल हो तब भी schedule वाला CT होता है.

कोई एक marker बढ़ा हुआ आए तो क्या होगा?

महीनों तक सिर्फ़ इंतज़ार नहीं होता. Scan से दोबारा staging होती है, और उसी हफ़्ते tumour board चर्चा करता है. आगे का कदम उन नतीजों से तय होता है.

अहमदाबाद से दूर रहता हूँ, काम पर बाहर जाता हूँ, क्या surveillance ठीक है?

यह इस पर निर्भर है कि आप नियमित आ पाएँगे या नहीं. आना मुश्किल हो, तो शुरू में ही बता दें. तब carboplatin की एक dose पर विकल्प के रूप में बात हो सकती है.

Follow-up कब तक चलता है?

पहले दो साल ज़्यादा बार, पाँच साल तक हर छह महीने, और उसके बाद survivorship plan से. इस cancer में देर से लौटना हो सकता है, इसलिए पाँच साल पर सीधी छुट्टी नहीं होती.

संबंधित पेज

अंडकोष के cancer की पूरी जानकारी testicular cancer surgery पेज पर है. ऑपरेशन और fertility के फ़ैसलों के लिए sperm banking, orchidectomy और nerve-sparing RPLND पढ़ें.

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre

Dr Swati Shah — MS, DrNB (Surgical Oncology) · Testicular Cancer Surgeon

Consultation Gota OPD, अहमदाबाद में. ऑपरेशन Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर में.

Gota OPD, Ahmedabad — Gota, Ahmedabad, Gujarat

Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar — Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar, Gujarat

Call करें +91-63590-11009   WhatsApp करें

Rate this post

Get health updates from Dr Swati Shah on WhatsApp

Swasth Parivar: twice a month, practical advice on recovery, diet and warning signs. No advertising. Stop any time.

Your number is used for these updates and for the clinic to reach you. It is never sold or passed on. To stop, reply STOP on WhatsApp.

dr swati shah - uro & gynec cancer surgeon

Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.