अंतिम अपडेट: 06-Oct-2026
अपनी ultrasound, markers और CT reports appointment से पहले भेज दें, ताकि consultation शुरू होने तक वे पढ़ी जा चुकी हों · +91-63590-11009
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Testicular Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Cancer surgery में 18 साल का अनुभव। ★★★★★ Google पर 4.99 — 84 reviews (Gota clinic) · 5.0 — 33 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
AFP, beta-hCG और LDH अंडकोष निकालने से पहले लिए जाते हैं और बाद में दोबारा; ऑपरेशन के बाद का नतीजा stage तय करता है.
अंडकोष जाँघ के जोड़ (groin) में चीरा लगाकर निकाला जाता है, थैली (scrotum) से कभी नहीं; यही ऑपरेशन निदान भी है और पहला इलाज भी.
Pathology report, दोबारा लिए markers और छाती, पेट व pelvis का contrast CT मिलकर तय करते हैं: surveillance, एक अतिरिक्त dose, या chemotherapy.
OPD में अक्सर यह सवाल आता है: “Marker की रिपोर्ट तो नॉर्मल है, फिर ऑपरेशन क्यों?” इसका जवाब इस बात में है कि हर जाँच किस क्रम में होती है, और हर नतीजा क्या तय करता है.
Testicular cancer इलाज पर अच्छा असर दिखाता है, फैलने के बाद भी. शुरू के दो कदम बाद में दोहराए नहीं जा सकते: ऑपरेशन से पहले के blood markers, और अंडकोष किस रास्ते से निकाला गया.
पहली जाँच दोनों अंडकोषों का high-frequency scrotal ultrasound है: सूजन अंदर की ठोस गांठ है या नहीं.
यह क्या तय करता है: अब markers की blood test और ऑपरेशन की तरफ़ जाना है या नहीं. दूसरी तरफ़ भी देखी जाती है. दोनों अंडकोषों में गांठ हो, या दूसरे अंडकोष में calcium के बारीक कण (microlithiasis) हों, तो plan बदलता है.
अंडकोष निकालने से पहले तीन blood tests लिए जाते हैं: AFP, beta-hCG और LDH. ये tumour markers हैं.
ये क्या तय करते हैं: अकेले ये stage तय नहीं करते; ये शुरुआती आँकड़े हैं. ऑपरेशन के बाद ये दोबारा लिए जाते हैं, और बाद वाला नतीजा stage और इलाज का group तय करता है. ऑपरेशन से पहले का set छूट जाए तो बाद में वापस नहीं मिलता, और staging हमेशा के लिए कमज़ोर रह जाती है.
एक नतीजा क्रम बदल देता है. किसी जवान आदमी की साँस फूल रही हो या खाँसी में खून आ रहा हो और hCG बहुत ऊँचा हो, तो फेफड़ों में फैलाव से bleeding हो सकती है. यह emergency है: ऑपरेशन का इंतज़ार किए बिना तुरंत chemotherapy शुरू होती है.
ये जाँच नहीं, पर रुक नहीं सकतीं. शादी हुई हो या नहीं, हर पुरुष से इलाज से पहले sperm banking की बात की जाती है, और उसका जवाब लिखा जाता है. निदान के समय ही वीर्य अक्सर कमज़ोर होता है, इसलिए एक sample भी सँभालने लायक है.
चाहें तो उसी ऑपरेशन में नकली अंडकोष (prosthesis) लगाया जा सकता है.
निदान जाँघ के जोड़ में चीरा लगाकर अंडकोष निकालने से होता है (radical inguinal orchidectomy). अंडकोष बाहर लाने से पहले उसकी नली (cord) groin में ऊपर ही बाँध दी जाती है.
थैली से biopsy नहीं, और थैली से अंडकोष निकालना भी नहीं. एक surgeon के तौर पर कहूँ — यह वह ग़लती है जिसे बाद में ठीक नहीं किया जा सकता. Scrotum की चमड़ी में चीरा फैलाव के लिए groin और pelvis की तरफ़ नया रास्ता खोलता है, और staging व follow-up हमेशा के लिए बदल देता है.
अंडकोष का हिस्सा बचाना सिर्फ़ ख़ास हालात में सोचा जाता है, जैसे इकलौते अंडकोष में या दोनों तरफ़ गांठ, frozen section और tumour board के plan के साथ. दूसरा अंडकोष छोटा हो, नीचे न उतरा हो, या मरीज़ जवान हो, तो उसकी biopsy पर बात हो सकती है.
Report तीन सवालों के जवाब देती है:
यह क्या तय करती है: cancer अभी अंडकोष तक ही सीमित हो, तो ये बातें surveillance, जो आम तौर पर पहली पसंद है, और एक अतिरिक्त dose के बीच चुनाव तय करती हैं. Surveillance तभी काम करता है जब मरीज़ हर appointment पर आए; यह सच में मुश्किल हो तो एक dose पर खुलकर बात होती है.
ऑपरेशन के बाद markers दोबारा लिए जाते हैं, इस हिसाब से कि हर marker खून से कितनी जल्दी घटता है: AFP के लिए लगभग एक हफ़्ता, hCG के लिए कुछ दिन. हर मरीज़ में छाती, पेट और pelvis का contrast CT होता है.
दोनों मिलकर क्या तय करते हैं:
फैले seminoma में LDH बहुत ऊँचा हो, तो chemotherapy का course लंबा हो सकता है.
| जाँच | कब | नतीजा क्या तय करता है |
|---|---|---|
| दोनों अंडकोषों का ultrasound | पहली मुलाक़ात में | ठोस गांठ है या नहीं; दूसरे अंडकोष में गांठ या calcium के कण |
| AFP, beta-hCG, LDH | ऑपरेशन से पहले | शुरुआती आँकड़े; साँस फूलने के साथ बहुत ऊँचा hCG हो तो पहले chemotherapy |
| Radical inguinal orchidectomy | Markers के तुरंत बाद | निदान, और गांठ का प्रकार |
| Pathology report | ऑपरेशन के बाद | आकार, rete testis या नलियों में फैलाव: surveillance या एक अतिरिक्त dose |
| दोबारा markers | हर marker के घटने की रफ़्तार के हिसाब से | कहीं गांठ बची है या नहीं; stage का markers वाला हिस्सा |
| छाती, पेट और pelvis का contrast CT | ऑपरेशन के बाद | अंडकोष तक सीमित, nodes तक, या आगे फैलाव |
| PET-CT | सिर्फ़ chemotherapy के बाद, बची seminoma गांठ के लिए | उस गांठ का ऑपरेशन चाहिए या नहीं |
ऑपरेशन के बाद और आगे के किसी भी इलाज से पहले हर case पर tumour board में चर्चा होती है, उन सभी मरीज़ों समेत जिनका cancer अंडकोष तक सीमित है. इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद, ये सारे नतीजे सामने रखकर होता है.
हाँ. कुछ testicular tumours, ख़ासकर seminoma, markers नहीं बढ़ाते. निदान ultrasound और निकाले गए अंडकोष से होता है. नॉर्मल markers से cancer ख़ारिज नहीं होता.
तब cancer अंडकोष तक सीमित माना जाता है. ज़्यादातर पुरुषों के लिए पहली पसंद surveillance है, यानी तय समय पर जाँच; कुछ में एक अतिरिक्त dose पर बात होती है.
शुरुआत में नहीं. Staging का scan छाती, पेट और pelvis का contrast CT है. PET-CT एक ही हालात के लिए है: chemotherapy के बाद बची seminoma की गांठ, आख़िरी cycle के कुछ हफ़्ते बाद.
नहीं, इसका मतलब फैलाव नहीं है. Non-seminoma में इसका मतलब है कि cancer लौटने की संभावना ज़्यादा है. इससे surveillance और एक cycle अतिरिक्त chemotherapy के बीच की बातचीत तय होती है, जो tumour board और आपके साथ होती है.
Cisplatin वाली chemotherapy सुनने और kidney पर असर डाल सकती है; पहले की जाँच से बाद का बदलाव पकड़ा जा सकता है.
Testicular cancer की पूरी जानकारी testicular cancer surgery वाले पेज पर है. निदान हो चुका हो तो आगे के फ़ैसले surgery, sperm banking और fertility वाले पेज पर हैं.
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Dr Swati Shah — MS, DrNB (Surgical Oncology) · Testicular Cancer Surgeon
Consultation Gota OPD, अहमदाबाद में. Operation Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर में.
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