Renal pelvis और ureter के cancer की surgery — Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर · Consultation: Gota OPD, अहमदाबाद
इस operation में kidney, पूरी लंबाई का ureter, और ureter जहाँ bladder में खुलता है उसके चारों तरफ़ bladder की दीवार का एक cuff — तीनों एक ही टुकड़े में निकाले जाते हैं। लेकिन जो बात operation के बाद की ज़िंदगी तय करती है वह यह है: kidney function कम हो जाएगा, उसी कमी से cisplatin वाली chemotherapy कभी-कभी हाथ से निकल जाती है, और bladder की जाँच ज़िंदगी भर करानी पड़ती है। इसीलिए यहाँ chemotherapy का फ़ैसला operation के बाद नहीं, operation से पहले लिया जाता है। कुछ मरीज़ों में kidney बचाई भी जा सकती है — वह फ़ैसला Dr Swati Shah operation के दिन से पहले लेती हैं, table पर नहीं।
CT urography की images और biopsy report WhatsApp पर भेजें · +91-63590-11009
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Kidney Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. बड़े cancer centre में training, surgical oncology की degree, और इन cancers को सालों तक follow up करने का अनुभव. Google rating — Gota में 85 reviews के साथ 4.99, Apollo Bhat में 28 reviews के साथ 5.0.
Upper tract urothelial carcinoma पेशाब जमा होने वाली जगह की अंदरूनी परत का cancer है — kidney के अंदर का renal pelvis, और पेशाब की नली (ureter)। जिस kidney cancer के बारे में लोग सुनते हैं वह अलग बीमारी है; वह kidney के छानने वाले हिस्से से शुरू होती है।
यह फ़र्क़ operation बदल देता है। kidney के अपने हिस्से की गाँठ आसपास की थोड़ी kidney के साथ काटी जा सकती है और बाक़ी kidney काम करती रहती है। परत से उठी गाँठ में ऐसा नहीं होता, क्योंकि वह परत renal pelvis से ureter और ureter से bladder तक बिना टूटे चलती है — एक ही तरह की cells पूरे रास्ते को ढकती हैं, और जिस चीज़ के असर से एक गाँठ बनी वह पूरी परत पर फिरी है। इसीलिए Dr Swati Shah हर मरीज़ में operation से पहले cystoscope से bladder देख लेती हैं — यह तीन अलग अंग नहीं, एक ही खेत है।
दर्द के बिना पेशाब में खून आना इस cancer की सबसे आम शुरुआत है, और यही लक्षण सबसे आसानी से पत्थरी या infection में गिन लिया जाता है। चालीस के बाद की उम्र में, दर्द नहीं, बुख़ार नहीं, और खून आता-जाता हो — तो ऊपर का रास्ता जाँचना पड़ता है; “देख लेंगे” कहने का वक़्त नहीं है।
तीन जाँचें लगभग सब कुछ तय करती हैं। उनके बिना बना plan अंदाज़ा है, फ़ैसला नहीं।
पहली — CT urography। ऐसा CT जिसमें delayed phase का समय इस तरह रखा जाए कि contrast पेशाब के रास्ते में भरकर गाँठ की बाहरी रेखा दिखा दे। इससे पता चलता है कि गाँठ कहाँ है, एक है या ज़्यादा, कितनी बड़ी, बाहर फैलती दिख रही है या नहीं, और पेट के पीछे के lymph nodes बड़े हैं या नहीं। Consultation में report ही नहीं, images भी साथ लाइए। दूसरी — cystoscopy, हर मरीज़ में; क्योंकि उसी समय bladder में गाँठ हो तो पूरा plan बदल जाता है।
तीसरी जाँच की उम्मीद किसी को नहीं होती — operation से पहले kidney function, अंकों में लिखा हुआ। Creatinine और eGFR, और दूसरी kidney पूरी ठीक न लगे तो renogram, जिससे दोनों kidney का अपना-अपना काम नापा जा सके। यह formality नहीं है। यही अंक तय करता है कि operation के बाद मज़बूत chemotherapy दी जा सकेगी या नहीं — और वह operation से पहले ही नापा जा सकता है।
ऊपर के पेशाब रास्ते का cancer Lynch syndrome का संकेत देने वाले cancers में से एक है। Lynch syndrome वंशानुगत है और इसमें आँत, गर्भाशय और पेट के cancer का ख़तरा भी बढ़ता है। यहाँ हर मरीज़ की गाँठ में mismatch repair protein की जाँच होती है, और वह असामान्य निकले तो पूरे परिवार को genetic counselling के लिए भेजा जाता है — भाई-बहन और बच्चों की colonoscopy जल्दी शुरू होती है, और वह कार्यक्रम cancer ढूँढ़ता नहीं, रोकता है।
इस बीमारी का हर फ़ैसला एक ही वर्गीकरण के बाद आता है: low risk या high risk। Low risk के लिए नीचे की सारी बातें सही होनी चाहिए। High risk के लिए एक भी बात मौजूद हो तो काफ़ी है।
| Low risk — सब सही होना चाहिए | High risk — एक भी हो तो काफ़ी | |
|---|---|---|
| गाँठों की संख्या | एक ही गाँठ | पेशाब के रास्ते में एक से ज़्यादा गाँठ |
| नाप | दो सेंटीमीटर से छोटी | दो सेंटीमीटर या बड़ी |
| पेशाब की cytology | Low grade | High grade |
| Ureteroscopy की biopsy | Low grade | High grade |
| CT urography में दिखावट | बाहर फैलने का कोई निशान नहीं | फैलती दिखे, या kidney फूलकर बंद हो गई हो |
| अन्य कारण | — | असामान्य histology, या पहले high-grade bladder cancer के लिए bladder निकाला गया हो |
| क्या दिया जाता है | पहली पसंद — kidney बचाने वाला इलाज | Radical nephroureterectomy, और गाँठ muscle में उतरी हो तो lymph node clearance के साथ |
Operation में kidney, पूरी लंबाई का ureter, और ureter जहाँ bladder में खुलता है उसके चारों तरफ़ bladder की दीवार का cuff — सब एक ही टुकड़े में, पेशाब का रास्ता खोले बिना — निकाला जाता है। Bladder cuff वैकल्पिक नहीं है। ureter का टुकड़ा पीछे छूट जाना इस operation की सबसे आम technical चूक है, और बाद में cancer लौटने की सबसे आम जगह भी वही है।
रास्ता गाँठ के हिसाब से तय होता है। गाँठ kidney और ureter तक सीमित हो तो operation laparoscopic या robotic तरीक़े से होता है — cancer का नतीजा open surgery जितना ही, और recovery तेज़। गाँठ बड़ी हो, kidney के बाहर निकल गई हो, या बड़े lymph nodes हों तो open करना पड़ता है; वह सही फ़ैसला है, नाकामी नहीं, क्योंकि पूरा हिस्सा एक अखंड टुकड़े में निकालना चीरे की लंबाई से ज़्यादा मायने रखता है। कौन सा रास्ता तय है, यह Dr Swati Shah operation के दिन से पहले बता देती हैं।
एक surgeon के तौर पर कहूँ — दो छोटी technical बातें बड़ा नतीजा देती हैं। kidney हिलाने से पहले ही ureter को गाँठ के नीचे clip कर दिया जाता है, ताकि cancer की cells नीचे न बह जाएँ। और गाँठ muscle की दीवार में उतरी हो तो lymph nodes तय किए हुए anatomical template से निकाले जाते हैं, न कि जो node अजीब दिखे उसे उठाकर — template से निकाले nodes stage ठीक बताते हैं और संभवतः इलाज भी करते हैं।
एक सस्ती, असरदार और अक्सर भुला दी जाने वाली बात — operation के बाद के दिनों में bladder में chemotherapy की एक खुराक डालने से आगे bladder में नई गाँठ बनने की संभावना घटती है। सिलाई पानी न छोड़े, यह पक्का होने के बाद वह दी जाती है, और यहाँ यह operation का हिस्सा है।
Low risk की सारी शर्तें पूरी करने वाली गाँठ में kidney बचाने वाला इलाज समझौता नहीं, पहली पसंद है। और जिनमें kidney निकालने का मतलब dialysis हो — एक ही काम करती kidney, दोनों तरफ़ गाँठ, या पहले से बहुत घटा हुआ kidney function — उन सबको भी यही दिया जाता है।
Kidney कैसे बचे यह गाँठ की जगह पर निर्भर है। Renal pelvis या ureter के ऊपरी हिस्से की छोटी गाँठ bladder की तरफ़ से चढ़ाए बारीक telescope से laser द्वारा जला दी जाती है। निचले हिस्से की गाँठ में वह टुकड़ा निकालकर ureter को bladder में फिर से जोड़ना बेहतर है — pathologist को पूरा नमूना भी मिलता है। बीच के हिस्से में टुकड़ा निकालकर दोनों सिरे जोड़ दिए जाते हैं।
Kidney बचाने के साथ दो ज़िम्मेदारियाँ आती हैं, और मरीज़ के फ़ैसले से पहले Dr Swati Shah दोनों समझाती हैं: पहले इलाज के लगभग आठ हफ़्ते में telescope से दूसरी बार देखना, जो check-up नहीं बल्कि इलाज का हिस्सा है, क्योंकि उसके बिना एक laser session अधूरा इलाज है; और सालों तक, तय समय पर, anaesthesia देकर फिर ureteroscopy। जिन्हें सिर्फ़ “kidney बच जाएगी” कहा गया हो वे चौथे anaesthesia पर ठगा हुआ महसूस करते हैं।
Kidney निकलने के बाद kidney function घटता है — यह गणित है, complication नहीं। जो बात मरीज़ को कम ही बताई जाती है वह यह है कि उसी कमी से मज़बूत chemotherapy हाथ से निकल सकती है, क्योंकि cisplatin देने के लिए kidney function एक हद तक होना ज़रूरी है। Operation से पहले जिन्हें वह दी जा सकती थी, उनमें से कई को operation के बाद नहीं दी जा सकती।
गाँठ muscle की दीवार में उतरी हो या lymph nodes तक पहुँची हो तो operation के बाद की chemotherapy बीमारी न लौटने की संभावना में सच्चा और बड़ा फ़ायदा देती है, और वह operation के लगभग तीन महीने के अंदर शुरू होनी चाहिए। इसे kidney function की कमी के साथ जोड़िए और यहाँ का सबसे उपयोगी अलग तरीक़ा सामने आता है: medical oncologist operation से पहले जुड़ता है, बाद में नहीं। पहले का eGFR उन्हें अंकों में दिया जाता है, बाद का अनुमान निकाला जाता है, और जहाँ साफ़ हो कि बाद में cisplatin मुमकिन नहीं, वहाँ tumour board में chemotherapy operation से पहले देने पर बात होती है। Oncology की appointment छुट्टी से पहले ही लिख दी जाती है।
ऊपर के रास्ते की गाँठ के इलाज के बाद कई मरीज़ों में bladder में नई गाँठ बनती है — अक्सर सालों बाद। इसीलिए cystoscopy ज़िंदगी भर चलती है, और “आपका scan साफ़ है” तथा “अब आने की ज़रूरत नहीं” — ये दो वाक्य एक नहीं हैं।
| कब | उस visit में क्या होता है |
|---|---|
| दो हफ़्ते | टाँके की जाँच, histology report पूरी समझाना, नया kidney function लिखना, गाँठ muscle या nodes तक पहुँची हो तो oncology referral, और mismatch repair का नतीजा |
| तीन महीने | Cystoscopy और पेशाब की cytology; kidney function दोबारा; high risk में CT urography |
| दो साल तक, high risk | हर तीन महीने cystoscopy और cytology; हर छह महीने छाती, पेट और pelvis का CT urography के साथ |
| दो से पाँच साल, high risk | हर छह महीने cystoscopy और cytology; साल में एक बार CT urography |
| Kidney बचाने के बाद | आठ हफ़्ते में दूसरी ureteroscopy, फिर तीन और छह महीने पर ureteroscopy, cystoscopy, cytology और CT urography, दो साल तक हर छह महीने, फिर साल में एक बार — अंत की तारीख़ के बिना |
| हर साल, ज़िंदगी भर | Cystoscopy, cytology, बची हुई kidney का imaging, और kidney function। इस निदान वाले मरीज़ को छुट्टी नहीं दी जाती |
दो लक्षण अगली appointment तक इंतज़ार नहीं कर सकते: पेशाब में दिखने वाला खून — पंद्रह दिन के अंदर cystoscopy; और बची हुई तरफ़ की कमर में लगातार दर्द, जिसे operation का बचा दर्द कभी मान नहीं लिया जाता।
इस operation के कुछ नतीजे फ़ायदे के सामने तोलने वाले risk नहीं हैं। वे तय बातें हैं, और consent से पहले बताई जाती हैं — बाद में पता चलने वाली नहीं।
जो चीज़ें risk हैं — transfusion चाहिए जितनी bleeding, टाँके की जगह infection, पैर या फेफड़े में clot, फेफड़ों में infection, आँत-spleen या बड़ी नस में चोट, bladder की सिलाई से urine leak, आँत देर से चलना, lymph node निकालने के बाद lymph का पानी भरना, चीरे की जगह hernia, दोबारा operation, operation के बाद तुरंत kidney पर असर, और जान का छोटा जोखिम — उन सबका नाम लेकर consent की बातचीत में समझाया जाता है, और तब मरीज़ के अपने अंक दिए जाते हैं; क्योंकि उम्र, दूसरी बीमारियाँ, kidney function और गाँठ का नाप वे सारे अंक बदल देते हैं।
अंदाज़ा किन बातों से बदलता है — कौन सा रास्ता इस्तेमाल हुआ, lymph node clearance operation का हिस्सा है या नहीं, ureter का निचला सिरा कैसे सँभाला गया, कितने दिन का ठहराव, और room category। Kidney बचाने वाले इलाज का पहला operation सस्ता पड़ता है, पर उसके बाद anaesthesia देकर बार-बार procedure कराने की ज़िम्मेदारी आती है — इसलिए एक admission के ख़र्च पर दोनों की तुलना नहीं हो सकती।
ज़्यादातर health insurance policy इस operation को cover करती हैं। Cashless के लिए pre-authorisation चाहिए, जो surgery की तारीख़ तय होने पर hospital का insurance desk लगाता है — policy का काग़ज़ और card जल्दी भेजिए, क्योंकि cancer के operation की pre-authorisation ज़्यादा समय लेती है। भर्ती के समय policy के original काग़ज़, पहचान-पत्र और पुराने scan लाइए। दो ख़र्च हिसाब से छूट जाते हैं: mismatch repair की जाँच histology report से अलग बिल होती है, और बाद की chemotherapy अलग इलाज है।
★★★★★
“I operated by Dr swati shah. We came for follow up . And now I am absolutely fine after surgery. Dr swati shah is best kidney cancer surgeon in ahmedabad”
Darji kushal Kushal, August 2026
★★★★★
“We are very thankful to Dr. Swati Shah for successfully operating on our relative for kidney cancer. From the first consultation to the surgery and follow-up, she was very supportive, caring, and explained everything clearly. Her expertise and confidence gave our family great reassurance during a difficult time. We are happy with the treatment and recovery. Highly recommended Dr. Swati Shah for her dedication and excellent care.”
Naween. Soni, September 2026
★★★★★
“One of the best doctor in ahmedabad for uro cancer we have met. Thank u so much mam for everything.. From consultation to surgery, everything was explained thoroughly. Best doctor dor kidney cancer. Highly recommend”
DIVYA PARMAR, November 2025
ज़्यादातर मरीज़ों की रोज़ की ज़िंदगी वैसी ही चलती है — एक स्वस्थ kidney दो का काम कर लेती है। तीन चीज़ें बदलती हैं: blood pressure नियमित जाँचना पड़ता है, दर्द के लिए anti-inflammatory गोलियाँ (जैसे ibuprofen, diclofenac) टालनी पड़ती हैं, और contrast वाले scan सोच-समझकर कराने पड़ते हैं। साल में एक बार kidney function नापा जाता है।
क्योंकि operation के बाद kidney function घटता है, और cisplatin उसी function पर टिकी है। जो मरीज़ operation से पहले cisplatin ले सकता था, वह बाद में कई बार नहीं ले सकता। इसीलिए यहाँ medical oncologist को operation से पहले का eGFR दिया जाता है और ज़रूरत हो तो chemotherapy operation से पहले दी जाती है।
Operation से पहले आम तौर पर एक या दो बार — पहली consultation, और फिर बाक़ी जाँच तथा plan समझने के लिए। Operation के बाद दो हफ़्ते पर एक बार, फिर तीन महीने पर, और उसके बाद तय अंतराल पर। बाहर के मरीज़ों के लिए जाँचें एक ही दौरे में जुटाने की कोशिश होती है, और report के नतीजे WhatsApp पर समझाए जा सकते हैं — पर cystoscopy के लिए आना ही पड़ता है।
Flexible cystoscopy OPD में स्थानीय jelly के साथ होती है, और ज़्यादातर मरीज़ों को थोड़ी असहजता होती है, तेज़ दर्द नहीं। ureteroscopy के लिए anaesthesia दी जाती है और वह दिन का admission होता है। जाँच ज़िंदगी भर चलती है, इसलिए पहली बार पर ही साफ़ बता दिया जाता है।
हो सकता है। ऊपर के पेशाब रास्ते का cancer Lynch syndrome का संकेत देता है, जिसमें आँत और गर्भाशय के cancer का ख़तरा भी बढ़ता है। यहाँ हर मरीज़ की गाँठ में mismatch repair protein की जाँच होती है, और असामान्य निकले तो परिवार को counselling और screening के लिए भेजा जाता है — इसी तरह रिश्तेदार बच जाते हैं, बाद में निदान होने के बजाय।
Consultation Gota में। Operation Apollo, Bhat, गांधीनगर में।
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