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ऑपरेशन के बाद bladder की जाँच उम्र भर क्यों?

अंतिम अपडेट: 17-Oct-2026

Dr Swati Shah, urology cancer surgeon, अहमदाबाद

Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Urology Cancer Surgeon
Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद · 18 साल का अनुभव
★★★★★ 4.99, 85 Google reviews (Gota clinic) · 5.0, 28 (Apollo, Bhat)

संक्षेप में

Nephroureterectomy के बाद अस्पताल वाली ज़्यादातर रिकवरी पहले हफ़्ते में हो जाती है। लंबा काम बाद में आता है: बची हुई किडनी को बचाना और bladder की जाँच।

किडनी और ureter निकालने के बाद भी यह कैंसर bladder के अंदर लौट सकता है। इसलिए cystoscopy से bladder की जाँच इलाज का हिस्सा है, जीवन भर।

ऑपरेशन के कुछ दिनों में, bladder का टाँका ठीक होने पर, chemotherapy की एक ख़ुराक bladder में डाली जाती है। इससे bladder में गाँठ बनने की संभावना घटती है।

यह पन्ना एक बड़ी गाइड का हिस्सा है। Ureter और kidney की थैली के कैंसर के इलाज के लिए हमारी nephroureterectomy गाइड देखें। किडनी कैंसर की सर्जरी की व्यापक जानकारी के लिए हमारी kidney cancer surgery guide (English) देखें।

दो ऑपरेशन, दो तरह की रिकवरी

Ureter या kidney की पेशाब वाली थैली की परत के कैंसर का इलाज दो तरीक़ों से होता है। कौन-सा रास्ता लेना है, यह इस पर निर्भर है कि कैंसर कम जोखिम वाला है या ज़्यादा जोखिम वाला। दोनों के बाद की रिकवरी काफ़ी अलग होती है।

दो मुख्य इलाजों के बाद की रिकवरी
मुद्दाNephroureterectomyकिडनी बचाने वाला इलाज
क्या निकाला जाता हैकिडनी, पूरा ureter और bladder का एक छोटा हिस्सा।सिर्फ़ गाँठ, पतले camera से laser द्वारा, या ureter का छोटा टुकड़ा।
बाद में किडनीएक किडनी बचती है। किडनी का काम घटता है और कम ही रहता है।दोनों किडनी रहती हैं।
शुरुआती जाँचBladder में chemotherapy की ख़ुराक, फिर bladder की जाँच।आठ हफ़्ते के अंदर ureter की दूसरी camera जाँच।
लंबे समय तकBladder और scan की जाँच जीवन भर।बेहोश करके ureter की camera जाँच बार-बार, जीवन भर।

किडनी बचाने वाले इलाज में कैंसर लौटने की असली संभावना रहती है। कुछ लोगों को बाद में पूरा ऑपरेशन कराना ही पड़ता है।

Nephroureterectomy के बाद अस्पताल के दिन

  1. ऑपरेशन के दिन बिस्तर से बाहर बैठना और थोड़े घूँट लेना। पेशाब हर घंटे नापा जाता है, क्योंकि अब यही एक किडनी है।
  2. पहले दिन तरल और तीन बार चलना। खून की जाँच से किडनी का काम देखा जाता है। Drain में थोड़ा तरल आए और वह पेशाब न हो, तो drain निकलता है।
  3. Bladder का टाँका बंद है, यह पक्का होने के बाद chemotherapy की एक ख़ुराक bladder में डाली जाती है। यह पहले से दसवें दिन के बीच होता है।
  4. दूसरे या तीसरे दिन पेशाब की नली निकलती है। यह दूसरे ऑपरेशनों से ज़्यादा दिन रहती है, क्योंकि bladder के टाँके को भरने के लिए पेशाब निकलता रहना चाहिए।
  5. तीसरे से पाँचवें दिन नरम खाना और ख़ुद चलना। किडनी की जाँच फिर होती है। काम कम हो तो किडनी के डॉक्टर देखते हैं।

घर जाने से पहले क्या ज़रूरी?

ये सब पूरे हों तब घर जाते हैं। एक दिन से बुख़ार नहीं। खाना खाया जा रहा हो, गैस या शौच हो रहा हो, और ख़ुद चल सकें। गोली से दर्द क़ाबू में हो।

किडनी के काम का नया आँकड़ा discharge card पर लिखा जाता है। बाद की हर किडनी जाँच इसी नए आँकड़े से मिलाई जाती है।

पेशाब की नली निकल गई हो और पेशाब हो रहा हो, या नली निकालने की तारीख़ लिखी हो। Histology की बात, पहली bladder जाँच और ज़रूरत हो तो कैंसर के डॉक्टर की मुलाक़ात, जाने से पहले तय होती है।

तकलीफ़ हो तो क्या होता है?

हर तकलीफ़ का ग्रेड और रिकॉर्ड लिखा जाता है। मुख्य तकलीफ़ें और हर एक का पहला उपाय ये हैं।

Nephroureterectomy के बाद की तकलीफ़ें और पहला उपाय
क्या दिखता हैइसका क्या मतलब हो सकता हैक्या किया जाता है
पहले से तीसरे दिन पेशाब कम, किडनी की रिपोर्ट बढ़ती हुई।बची हुई किडनी पर बोझ।नुकसान करने वाली दवाएँ और सूजन वाली दर्द की गोलियाँ बंद। Ultrasound, तरल, और उसी दिन किडनी के डॉक्टर।
Drain में पानी जैसा साफ़ तरल।Bladder के टाँके से पेशाब का leak।पेशाब की नली और drain लगे रहते हैं। Bladder का contrast वाला X-ray होता है।
खाना शुरू होने के बाद drain में दूध जैसा तरल।गाँठें निकालने के बाद लसीका तरल का leak।कम चर्बी वाला खाना। शांत होने तक drain रहता है।
तीसरे से सातवें दिन बुख़ार और तेज़ नब्ज़।अंदर तरल भरना, पेशाब की थैली बनना या आंत को चोट।मुँह से कुछ नहीं, CT scan, और तुरंत सर्जन को बुलाया जाता है।
बाईं ओर के ऑपरेशन के बाद बाएँ कंधे की नोक पर दर्द और ख़ून घटना।तिल्ली से रक्तस्राव।तुरंत CT और ख़ून तैयार। सर्जन अभी देखते हैं।
खाने के बाद पेट फूलना और उल्टी।आंत धीमी या रुकी हुई।पेट ख़ाली करने के लिए नली। दो दिन में शांत न हो तो CT।

दूसरे जोखिम सहमति के समय नाम लेकर समझाए जाते हैं, यहाँ आँकड़ों के बिना। इनमें ख़ून चढ़ाने जितना रक्तस्राव, घाव में संक्रमण, पैर या फेफड़ों में थक्के, छाती में संक्रमण और दिल पर बोझ आते हैं। चीरे की जगह hernia, लसीका तरल की थैली, दूरबीन या robotic से open में बदलना, ICU में रहना, दोबारा ऑपरेशन और जान का छोटा जोखिम भी समझाया जाता है।

एक किडनी के साथ जीना

किडनी निकालने के बाद किडनी का कुल काम घटता है और पहले जितना वापस नहीं आता। यह ऑपरेशन की तय बात है, जोखिम नहीं। बची हुई किडनी कभी काम करना बंद कर दे, तो dialysis चाहिए।

बची हुई किडनी को बचाना अब जीवन भर का काम है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, दर्द की गोलियाँ और scan की दवा, सब पहले से ज़्यादा मायने रखते हैं।

  1. ब्लड प्रेशर डॉक्टर की बताई सीमा से नीचे रखें।
  2. डायबिटीज़ क़ाबू में रखें।
  3. सूजन वाली दर्द की गोलियों से बचें। कोई नई दवा लेने से पहले पूछें।
  4. Contrast वाले scan से पहले हर डॉक्टर को बताएँ कि आपकी एक ही किडनी है।
  5. तम्बाकू और सिगरेट हमेशा के लिए बंद करें। धूम्रपान से bladder की गाँठ लौटती भी है।

ऑपरेशन के बाद chemotherapy कही जाए तो

गाँठ दीवार में गहराई तक या गाँठों में गई हो, तो ऑपरेशन के बाद chemotherapy कही जाती है। इसे ऑपरेशन के लगभग तीन महीने के अंदर शुरू होना चाहिए।

किडनी का काम घटने से cisplatin जैसी ज़्यादा असरदार दवा शायद न दी जा सके। इसलिए ऑपरेशन से पहले किडनी का आँकड़ा नापा जाता है और जल्दी कैंसर के डॉक्टर को बताया जाता है। उनकी मुलाक़ात अस्पताल से जाने से पहले तय होती है।

बाद में bladder और किडनी की जाँच

जाँच जीवन भर चलती है, क्योंकि यह कैंसर देर से भी लौट सकता है। ज़्यादा ग्रेड या गहरी गाँठ में कम ग्रेड से ज़्यादा बार जाँच होती है।

Nephroureterectomy के बाद की नियमित जाँच
कबक्या जाँचा जाता है
दो हफ़्ते पर।घाव, histology की बात, किडनी की जाँच। गाँठ पर हुए gene test का नतीजा, और ज़रूरत हो तो genetics के डॉक्टर के पास भेजना।
तीन महीने पर।Cystoscopy, पेशाब में कैंसर की कोशिकाओं की जाँच और किडनी की जाँच। ज़्यादा जोखिम हो तो CT urogram।
ज़्यादा जोखिम, पहले दो साल।हर तीन महीने cystoscopy। हर छह महीने CT scan।
ज़्यादा जोखिम, दूसरे से पाँचवें साल।हर छह महीने cystoscopy। साल में एक बार CT urogram।
कम जोखिम।तीन और नौ महीने पर cystoscopy, फिर हर साल। हर साल CT urogram।
हर साल, जीवन भर।Cystoscopy, पेशाब की जाँच, scan और किडनी की जाँच।

किडनी बचाने वाले इलाज के बाद ureter की दूसरी camera जाँच आठ हफ़्ते के अंदर होती है। फिर तीन और छह महीने पर, दो साल तक हर छह महीने और फिर हर साल, जीवन भर, bladder और ureter की camera जाँच, CT और पेशाब की जाँच होती है।

कब उसी दिन आना है?

  1. ऑपरेशन के बाद पेशाब बहुत कम आए या बिल्कुल न आए।
  2. बुख़ार, तेज़ नब्ज़ या नई साँस फूलना।
  3. पेट में नया दर्द या सूजन।
  4. Drain या घाव से साफ़ तरल निकलना।
  5. जाँच के सालों में कभी भी पेशाब में ख़ून। दो हफ़्ते के अंदर bladder की जाँच ज़रूरी है।
  6. हफ़्तों बाद बची हुई किडनी की ओर नया दर्द। इसे ऑपरेशन का दर्द मान नहीं लिया जाता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किडनी और ureter निकालने के बाद bladder क्यों जाँचा जाता है?

यह कैंसर किडनी से bladder तक की परत में होता है। यह bladder में लौट सकता है, इसलिए bladder की जाँच जीवन भर होती है।

ऑपरेशन के बाद bladder में कौन-सी chemotherapy डाली जाती है?

ऑपरेशन के कुछ दिनों में नली से bladder में एक ख़ुराक डाली जाती है। इससे bladder में गाँठ बनने की संभावना घटती है।

एक किडनी के साथ dialysis लगेगा?

ज़्यादातर लोगों को नहीं। ऑपरेशन के बाद किडनी का काम घटता है, पर एक किडनी आम तौर पर संभाल लेती है। बची हुई किडनी बंद हो तभी dialysis चाहिए।

इस ऑपरेशन के बाद पेशाब की नली ज़्यादा दिन क्यों रहती है?

Bladder का छोटा हिस्सा निकालकर bladder बंद किया जाता है। नली उस टाँके को भरने देती है।

घर जाकर कोई भी दर्द की गोली ले सकते हैं?

सूजन वाली दर्द की गोलियों से बचें, ये बची हुई किडनी को नुकसान कर सकती हैं। नई दवा से पहले डॉक्टर से पूछें।

संबंधित पेज

ऑपरेशन के बारे में nephroureterectomy वाले पेज पर समझाया गया है। शुरुआती संकेत और पहली जाँच ureter के कैंसर के संकेतों वाले पेज पर हैं। घर जाने के बाद कुछ पूछना हो तो +91-63590-11009 पर कॉल करें। किडनी कैंसर की सर्जरी की व्यापक जानकारी kidney cancer surgery guide (English) में है।

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre

Dr Swati Shah — MS, DrNB (Surgical Oncology) · Urology Cancer Surgeon

Consultation: Gota OPD, Gota, Ahmedabad. Surgery: Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar.

Gota OPD — Gota, Ahmedabad, Gujarat

Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar — Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar, Gujarat

फ़ोन: +91-63590-11009 · WhatsApp: +91-63590-11009

Ureter या kidney की थैली के कैंसर का ऑपरेशन हो चुका है या होने वाला है? Histology और किडनी की रिपोर्ट WhatsApp पर पहले भेजें, ताकि मुलाक़ात के समय वे पढ़ी हुई हों। इलाज में कोई बदलाव जाँच के बाद, आमने-सामने की मुलाक़ात में तय होता है। कॉल करें +91-63590-11009 मुलाक़ात से पहले रिपोर्ट भेजें

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