अंतिम अपडेट: 05-Oct-2026
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Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Testicular Cancer Surgeon · Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar · Gota OPD, Ahmedabad
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre. Cancer surgery में 18 साल का अनुभव। ★★★★★ Google पर 4.99 — 84 reviews (Gota clinic) · 5.0 — 33 reviews (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
पंद्रह से पैंतालीस साल के आदमी को एक अंडकोष में बिना दर्द की गांठ या सख़्ती लगे, तो बिना रुके दोनों अंडकोषों का ultrasound कराएँ.
Infection या hydrocele मानकर दिए antibiotic के एक course के बाद भी सूजन बनी रहे, तो दूसरा course नहीं — अब scan कराएँ.
दर्द से cancer ख़ारिज नहीं होता. जवान आदमी में छाती की सूजन, कमर दर्द, हँसली के ऊपर गांठ या साँस फूलना भी संकेत हैं.
अक्सर ऐसा होता है: अंडकोष में सूजन दिखी, पास के doctor ने infection बताया, दवा दी, और बात वहीं रुक गई. दर्द नहीं है, तो लगता है कि ठीक हो जाएगा. लेकिन testicular cancer का मुख्य पहला लक्षण यही है — पंद्रह से पैंतालीस साल के आदमी में एक अंडकोष (testis) में बिना दर्द की सूजन या सख़्त हिस्सा.
इसका जवाब एक जाँच में मिलता है: high-frequency probe से scrotum का ultrasound, दोनों अंडकोषों का. दोनों का इसलिए, क्योंकि गांठ दूसरी तरफ़ भी हो सकती है, और दूसरे अंडकोष में calcium के छोटे कण (microlithiasis) दिखें तो आगे का plan बदल जाता है. Scan कुछ मिनट का है और इसमें दर्द नहीं होता.
यह cancer फैलने के बाद भी इलाज का अच्छा जवाब देता है. इसलिए डर से ज़्यादा नुक़सान देरी करती है.
अगर सूजन को अंडकोष का infection (epididymo-orchitis) या hydrocele मानकर antibiotic का एक course दिया गया, और सूजन अब भी है, तो अगला क़दम ultrasound है. दूसरा course नहीं.
भारत में देर से पकड़ में आने की मुख्य वजह यही है. पहली बार infection मानना ग़लत नहीं; ग़लती वही दवा बार-बार देने में है. हर नए course में हफ़्ते निकल जाते हैं, और उस बीच जो गांठ शुरू में संभल सकती थी, वह पेट के पीछे की lymph nodes तक पहुँच सकती है.
एक surgeon के तौर पर कहूँ — यह नियम आप किसी भी doctor से माँग सकते हैं, हमसे भी: antibiotic का एक course, और सूजन रहे तो scan.
दर्द वाली गांठ भी cancer हो सकती है. गांठ के अंदर खून निकलने से दर्द होता है, इसलिए अचानक दर्द का मतलब मामूली तकलीफ़ नहीं मान लेना चाहिए.
जवान आदमी को एक अंडकोष में अचानक तेज़ दर्द हो, तो एक घंटे के अंदर दिखाएँ. अंडकोष का मुड़ जाना (torsion) और गांठ एक जैसे लग सकते हैं, और scrotum खोलकर देखना है या नहीं, यह फ़ैसला उसी घंटे में होता है — कल scan करके देखेंगे, ऐसा नहीं.
कुछ आदमियों में तकलीफ़ पहले scrotum में नहीं, कहीं और दिखती है. जवान आदमी में इनमें से कुछ हो, तो अंडकोष की जाँच और scan करें, क्योंकि जड़ वहाँ हो सकती है:
कुछ आदमियों में गांठ का ख़तरा ज़्यादा होता है, और उन्हें नई गांठ दिखे तो बिल्कुल इंतज़ार न करें: बचपन में अंडकोष नीचे न उतरा हो (cryptorchidism), दूसरे अंडकोष में पहले गांठ हो चुकी हो, अंडकोष छोटा और सिकुड़ा हुआ हो (atrophy), या बच्चा न होने का इलाज चल रहा हो.
| आपको क्या दिखे | क्या हो सकता है | कितनी जल्दी |
|---|---|---|
| एक अंडकोष में बिना दर्द की गांठ या सख़्ती | जब तक scan मना न करे, गांठ ही मानें | इसी हफ़्ते दोनों अंडकोषों का ultrasound |
| Infection मानकर इलाज, एक course के बाद भी सूजन | ग़लत नाम दी गई गांठ | अभी ultrasound, दूसरे course से पहले |
| Hydrocele बताई गई सूजन जो उतरती नहीं | Hydrocele, या वह नाम दी गई गांठ | Hydrocele के किसी भी इलाज से पहले ultrasound |
| एक अंडकोष में अचानक तेज़ दर्द | Torsion, या गांठ में खून निकलना | एक घंटे के अंदर |
| जवान आदमी में छाती की सूजन, कमर दर्द या हँसली के पास गांठ | अंडकोष की गांठ का फैलाव | जल्दी जाँच और scrotum का ultrasound |
| साँस फूलना या खाँसी में खून | hCG बहुत ज़्यादा होने वाली emergency | उसी दिन hospital |
पहली मुलाक़ात में जाँच, दोनों अंडकोषों का ultrasound और तीन blood tests होते हैं: AFP, beta-hCG और LDH. इन्हें tumour markers कहते हैं.
Markers किसी भी operation से पहले ही लिए जाते हैं. अंडकोष निकालने के बाद ये दोबारा लिए जाते हैं, और operation के बाद की value से stage और इलाज का group तय होता है. Operation से पहले का set छूट गया, तो बाद में कभी वापस नहीं मिल सकता.
Scrotum से biopsy या चीरा नहीं. Cancer की संभावना हो, तो अंडकोष जांघ के जोड़ के पास (groin में) छोटे चीरे से निकाला जाता है. Scrotum की चमड़ी से operation या biopsy करने पर फैलने का नया रास्ता खुल जाता है और आगे का पूरा plan बदल जाता है. इसे पलटा नहीं जा सकता.
Sperm banking की बात, उसके ख़र्च के साथ, पहली मुलाक़ात में ही होती है — क्योंकि यह इलाज शुरू होने से पहले ही हो सकती है, और परिवार को इंतज़ाम के लिए कुछ दिन चाहिए. Testicular prosthesis की बात भी होती है. निदान के बाद क्या होता है, यह वृषण कैंसर की surgery और fertility वाले पन्ने पर है.
बचे हुए अंडकोष में बाद में नई गांठ हो सकती है. इसलिए हर आदमी को हर महीने ख़ुद जाँच करना सिखाया जाता है, और वहाँ नई गांठ दिखे तो नज़र रखने के बजाय scan होता है.
नहीं, देर न करें. बिना दर्द की गांठ ही testicular cancer का मुख्य पहला लक्षण है. दोनों अंडकोषों का ultrasound कुछ मिनट में जवाब दे देता है.
दूसरा course शुरू करने से पहले scrotum का ultrasound कराएँ. एक course के बाद भी न उतरी सूजन का scan होता है, दोबारा इलाज नहीं.
Scrotum से नहीं. Scrotum की चमड़ी से सुई या चीरा फैलने का नया रास्ता खोल देता है. Scan और blood tests cancer की ओर इशारा करें, तो groin से अंडकोष निकालना ही निदान भी है और पहला इलाज भी.
AFP, beta-hCG और LDH की operation से पहले की value की तुलना बाद की value से होती है, और उसी से stage तय होता है. पहले का set छूट जाए तो दोबारा नहीं बनाया जा सकता.
आमतौर पर एक अंडकोष निकलने के बाद fertility और testosterone बने रहते हैं, पर हमेशा नहीं. Chemotherapy या पेट की lymph node surgery fertility को और घटा सकती है, इसलिए sperm banking की बात इलाज से पहले, पहली मुलाक़ात में ही होती है.
Testicular cancer की पूरी जानकारी testicular cancer surgery वाले पन्ने पर है. निदान हो चुका हो, तो आगे के फ़ैसले surgery, sperm banking और fertility वाले पन्ने पर हैं.
Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre
Dr Swati Shah — MS, DrNB (Surgical Oncology) · Testicular Cancer Surgeon
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