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अंडकोष के cancer में इलाज का क्रम कब बदलता है?

अंतिम अपडेट: 11-Oct-2026

Dr Swati Shah, अंडकोष के cancer की surgeon, अहमदाबाद

Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Testicular Cancer Surgeon
Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद · 18 साल का अनुभव
★★★★★ 4.99, 84 Google reviews (Gota clinic) · 5.0, 35 (Apollo, Bhat)

संक्षेप में

ज़्यादातर अंडकोष के cancer में क्रम एक ही होता है: ख़ून के markers, जांघ की तरफ़ से अंडकोष निकालना, फिर stage के लिए scan. कुछ हालात यह क्रम बदल देते हैं.

दोनों अंडकोष में गांठ हो, या इकलौता अंडकोष हो, तो कभी-कभी सिर्फ़ गांठ निकाली जा सकती है. पहले frozen section और tumour board का plan ज़रूरी है.

hCG बहुत ऊँचा हो और साँस फूले, तो यह emergency है. अंडकोष निकालने से पहले ही chemotherapy तुरंत शुरू होती है, क्योंकि फेफड़ों में ख़ून बह सकता है.

आम क्रम कब बदलता है?

ज़्यादातर पुरुषों के लिए क्रम साफ़ है. पहले ख़ून में markers लिए जाते हैं. फिर जांघ के पास (groin) चीरा लगाकर अंडकोष निकाला जाता है. उसके बाद CT scan से stage तय होता है. यह क्रम अंडकोष के cancer की जाँच क्रम से वाले पेज पर है.

लेकिन हर केस इस ढाँचे में नहीं बैठता. कुछ केस में क्रम बदलता है, ऑपरेशन बदलता है, या कुछ भी करने से पहले tumour board में बात होती है. मुख्य हालात ये हैं:

अंडकोष के cancer में आम क्रम बदलने वाले हालात
हालातक्या बदलता है
सूजा अंडकोष और अचानक दर्द.अंडकोष मुड़ तो नहीं गया, यह घंटे भर में तय होता है. दर्द है तो गांठ नहीं, ऐसा नहीं.
बहुत ऊँचा hCG और साँस फूलना.पहले तुरंत chemotherapy. अंडकोष बाद में निकाला जाता है.
दोनों अंडकोष में गांठ, या इकलौते में.कभी-कभी सिर्फ़ गांठ निकाली जा सकती है, पहले से तय plan के साथ.
दूसरा अंडकोष छोटा हो या नीचे न उतरा हो.दूसरे अंडकोष की biopsy पर बात होती है.
पहले थैली से ऑपरेशन या biopsy.Stage और आगे की जाँच बदलती है.
अंडकोष के बाहर cancer, या दूसरी तरह की गांठ.अलग plan, जो tumour board तय करता है.
नियमित जाँच पर आना मुश्किल.Chemotherapy की एक ही dose पर बात हो सकती है.

अंडकोष मुड़ गया या गांठ?

जवान पुरुष में अचानक दर्द वाला, सूजा अंडकोष इस वजह से भी हो सकता है कि उसकी नस मुड़ गई हो (torsion). इसके लिए कल के scan का इंतज़ार नहीं किया जाता, ऑपरेशन करके देखने का फ़ैसला घंटे भर में होता है. दर्द है तो cancer नहीं, यह मानना ग़लत है. गांठ के अंदर ख़ून आने पर भी दर्द होता है. इसलिए दर्द वाली गांठ की भी पूरी जाँच होती है. पानी भरना या infection बताकर एक बार antibiotics देने के बाद भी सूजन न उतरे, तो दूसरा कोर्स नहीं, ultrasound कराना चाहिए.

hCG बहुत ऊँचा और साँस फूले

hCG हज़ारों में हो और साँस फूले या पेट में बड़ी गांठ हो, तो chemotherapy तुरंत शुरू होती है. अंडकोष का ऑपरेशन रुक सकता है, फेफड़े पहले आते हैं.

यह medical emergency है. फेफड़ों में तेज़ी से बढ़ती गांठ से ख़ून बह सकता है. ऑपरेशन के इंतज़ार में जो समय जाएगा, वह मरीज़ के पास नहीं होता. कुछ और तकलीफ़ों में भी surgeon को उसी दिन देखना चाहिए:

अंडकोष के cancer में उसी दिन दिखाने वाली तकलीफ़ें:

  1. बहुत ऊँचे hCG के साथ साँस फूलना या खाँसी में ख़ून.
  2. पैरों में कमज़ोरी या सुन्नपन, मेरुरज्जु (spinal cord) पर दबाव से.
  3. चेहरा और गला सूज जाना, छाती की बड़ी नस दबने से.
  4. पेशाब बहुत कम हो जाना, जब बड़ी गांठ किडनी की नली दबा दे.
  5. Chemotherapy के दौरान या बाद में markers बढ़ना.

दोनों या इकलौते अंडकोष में गांठ

आम ऑपरेशन में पूरा अंडकोष निकाला जाता है. लेकिन कुछ पुरुषों में इससे एक भी अंडकोष नहीं बचेगा. तब सिर्फ़ गांठ निकालने वाला ऑपरेशन (partial orchidectomy) सोचा जा सकता है. यह सिर्फ़ तब होता है जब दोनों अंडकोष में गांठ हो, इकलौता अंडकोष हो, या काम करते इकलौते अंडकोष में छोटी गांठ हो. ऑपरेशन के दौरान ही ऊतक जाँचा जाता है (frozen section), और plan पहले से tumour board में तय होता है. इन सब बातों से पहले sperm banking पर बात होती है. ऑपरेशन कैसे होता है, यह अंडकोष के cancer के ऑपरेशन वाले पेज पर है.

दूसरे अंडकोष को ख़तरा कब?

बचपन में नीचे न उतरा अंडकोष, दूसरे अंडकोष में पहले हुई गांठ, सिकुड़ा छोटा अंडकोष और बाँझपन, ये सब ख़तरा बढ़ाते हैं. Scan हमेशा दोनों अंडकोष देखता है.

दूसरा अंडकोष छोटा हो, नीचे न उतरा हो, या मरीज़ जवान हो, तो उस अंडकोष की biopsy पर बात होती है. इसमें गांठ बनने से पहले वाला बदलाव ढूँढा जाता है. इलाज के बाद हर पुरुष को बचा हुआ अंडकोष ख़ुद जाँचना सिखाया जाता है, और हर महीने ऐसा करने को कहा जाता है.

थैली से ऑपरेशन हो चुका हो तो?

अंडकोष का cancer कभी थैली (scrotum) की तरफ़ से निकालना या उसकी biopsy नहीं करनी चाहिए. कहीं और ऐसा हो चुका है, तो ऑपरेशन के नोट्स लेकर आएँ, क्योंकि stage और जाँच बदलती है.

थैली की त्वचा में चीरा लगने से cancer के फैलने के नए रास्ते खुल जाते हैं. पेट के पीछे की lymph node के बजाय अब जांघ और पेड़ू की lymph node को ख़तरा हो जाता है. इसे पलटा नहीं जा सकता, पर पता हो तो उसी हिसाब से योजना बन सकती है.

अंडकोष के बाहर cancer या दूसरी गांठ

कभी-कभी इसी तरह की गांठ छाती में या पेट के पीछे मिलती है, और अंडकोष में कोई गांठ नहीं होती. तब किसी भी इलाज से पहले tumour board में बात होती है, क्योंकि plan और आगे की तस्वीर दोनों अलग हैं. अंडकोष का lymphoma अलग बीमारी है: उसका इलाज पूरे शरीर की बीमारी की तरह होता है, lymph node के ऑपरेशन से नहीं. Leydig या Sertoli cell जैसी दूसरी कोशिकाओं की गांठें, और बच्चों की गांठें, अपने-अपने अलग क्रम में चलती हैं.

जाँच पर आना मुश्किल हो तो?

Stage I seminoma में आम तौर पर नज़दीकी निगरानी (surveillance) चुनी जाती है. यह तभी चलती है जब हर मुलाक़ात हो; ऐसा मुमकिन न हो तो carboplatin की एक dose पर बात होती है.

कोई गुजरात से बहुत दूर रहता हो, काम के लिए जगह बदलता रहता हो, या उसके पास फ़ोन न हो. ऐसे पुरुष के लिए नाकाम होने वाला जाँच का plan बनाने के बजाय, एक dose पर खुलकर बात होती है. जाँच का पूरा समय-क्रम अंडकोष के cancer के बाद follow-up वाले पेज पर है.

Bleomycin के बाद ऑपरेशन

Bleomycin लेने के बाद फेफड़े ज़्यादा oxygen के प्रति नाज़ुक हो सकते हैं. ऐसी दवा ले चुके पुरुष का lymph node ऑपरेशन होना हो, तो पहले फेफड़ों की जाँच होती है. Anaesthetist को लिखकर बताया जाता है. ऑपरेशन के दौरान और बाद में oxygen उतनी ही कम रखी जाती है जितनी सुरक्षित हो, और पानी भी नाप-तौल कर दिया जाता है.

जल्दी में sperm banking

इलाज से पहले हर पुरुष से sperm banking की बात की जाती है, और उसका जवाब लिखा जाता है. ये हालात भी इस नियम को नहीं बदलते:

  1. वह कहे कि “परिवार पूरा हो गया”. फिर भी बात होती है और लिखी जाती है.
  2. अविवाहित या कम उम्र का हो. फिर भी बात होती है.
  3. Sperm count पहले से कम हो. एक sample भी सहेजने लायक है.
  4. इलाज तुरंत ज़रूरी हो. इलाज टाला नहीं जाता, पर लगभग हमेशा पहले एक sample लिया जा सकता है.
  5. Banking मुमकिन ही न हो. तो वजह नोट्स में लिखी जाती है.

ख़र्च की बात पहली मुलाक़ात में ही होती है, ताकि परिवार को इंतज़ाम का समय मिले. और जानकारी अंडकोष के cancer की सर्जरी और fertility वाले पेज पर है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडकोष में दर्द हो, तब भी cancer हो सकता है?

हाँ. गांठ के अंदर ख़ून आने से दर्द होता है. अचानक दर्द वाले अंडकोष में पहले घंटे भर में देखा जाता है कि वह मुड़ा तो नहीं, और दर्द वाली गांठ की भी पूरी जाँच होती है.

मेरा एक ही अंडकोष है और उसमें cancer है. क्या पूरा निकालना पड़ेगा?

हर बार नहीं. इकलौते अंडकोष में कभी-कभी सिर्फ़ गांठ निकाली जा सकती है, ऑपरेशन के दौरान frozen section के साथ और tumour board के plan के मुताबिक़. पहले sperm banking पर बात होती है.

अंडकोष निकालने से पहले chemotherapy क्यों शुरू हुई?

hCG बहुत ऊँचा हो और साँस फूले, तो फेफड़े ख़तरे में होते हैं. Chemotherapy तुरंत शुरू होती है, और हालत संभलने के बाद ऑपरेशन होता है.

कहीं और मेरा अंडकोष थैली की तरफ़ से निकाला गया. अब क्या?

ऑपरेशन के नोट्स और रिपोर्टें लेकर आएँ. थैली वाले रास्ते से किन lymph node को ख़तरा है, यह बदल जाता है, इसलिए stage और जाँच उसी हिसाब से तय होती है.

मैं दूर रहता हूँ. क्या मुझे surveillance ज़रूरी है?

Surveillance तभी काम करती है जब हर मुलाक़ात हो. यह मुमकिन न लगे, तो stage I seminoma में carboplatin की एक dose पर ईमानदार विकल्प के रूप में बात हो सकती है.

संबंधित पेज

अंडकोष के cancer की पूरी बात अंडकोष के cancer की सर्जरी वाले पेज पर है.

Shah’s Gastro, Cancer & Robotic Surgery Centre

Dr Swati Shah — MS, DrNB (Surgical Oncology) · Urology Cancer Surgeon

Consultation: Gota OPD, Gota, Ahmedabad. ऑपरेशन: Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar.

Gota OPD — Gota, Ahmedabad, Gujarat

Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar — Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar, Gujarat

फ़ोन: +91-63590-11009 · WhatsApp: +91-63590-11009

आपके केस में कुछ ऐसा है कि आम रास्ता साफ़ नहीं लगता? Scan, markers की रिपोर्ट और पहले हुए ऑपरेशन के नोट्स WhatsApp पर पहले भेज सकते हैं, ताकि मुलाक़ात शुरू होने तक वे पढ़ लिए गए हों. इलाज का फ़ैसला consultation में, जाँच के बाद ही होता है. अचानक तेज़ दर्द हो या साँस फूल रही हो, तो अभी emergency में जाएँ. फ़ोन करें +91-63590-11009 मुलाक़ात से पहले reports भेजें

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