अंतिम अपडेट: 17-Oct-2026
Dr Swati Shah
MS, DrNB (Surgical Oncology)
Urology Cancer Surgeon
Apollo Hospital, भाट, गांधीनगर · Gota OPD, अहमदाबाद · 18 साल का अनुभव
★★★★★ 4.99, 84 Google reviews (Gota clinic) · 5.0, 35 (Apollo, Bhat)
संक्षेप में
इलाज से पहले गाँठ को कम या ज़्यादा जोखिम में रखा जाता है. कम जोखिम के लिए हर अच्छी बात चाहिए, ज़्यादा जोखिम के लिए एक बुरी बात काफ़ी है.
कम जोखिम वाली गाँठ में आमतौर पर kidney बचाकर इलाज होता है. ज़्यादा जोखिम में kidney, पूरा ureter और मूत्राशय का छोटा हिस्सा निकालना पड़ता है.
ऑपरेशन के बाद आख़िरी रिपोर्ट का stage अगला क़दम तय करता है. गाँठ मांसपेशी की दीवार या nodes तक हो, तो chemotherapy की सलाह दी जाती है.
यह पन्ना एक बड़ी गाइड का हिस्सा है. Ureter और kidney की थैली के कैंसर का इलाज कैसे होता है और पूरी ureter क्यों निकालनी पड़ती है, इसके लिए हमारी nephroureterectomy गाइड देखें.
बहुत लोग stage और जोखिम-समूह को एक ही बात समझते हैं. ऐसा नहीं है. जोखिम-समूह इलाज से पहले scan, पेशाब की कोशिकाओं और कभी-कभी biopsy से तय होता है. Stage गाँठ निकालने के बाद pathologist पक्का करते हैं. जोखिम-समूह ऑपरेशन चुनता है. आख़िरी stage यह चुनता है कि ऑपरेशन के बाद क्या हो.
| नाम | कब तय होता है | क्या तय करता है |
|---|---|---|
| जोखिम-समूह. | इलाज से पहले. | Kidney बचाना, या kidney और ureter निकालना. |
| T stage. | ऑपरेशन के बाद की आख़िरी रिपोर्ट में. | बाद में chemotherapy चाहिए या नहीं, और follow-up कितना पास से. |
| Lymph nodes (N). | पहले scan में, फिर आख़िरी रिपोर्ट में. | Nodes साफ़ तौर पर प्रभावित हों तो पहले दवा. ऑपरेशन में मिलें तो बाद में chemotherapy. |
| Grade. | पेशाब की कोशिकाओं, biopsy और आख़िरी रिपोर्ट से. | Low grade धीरे बढ़ता है. High grade ज़्यादा आक्रामक होता है. |
बाकी सब ठीक दिखे तब भी, ज़्यादा जोखिम की एक ही बात गाँठ को ज़्यादा जोखिम वाले समूह में डाल देती है.
| कम जोखिम: ये सब | ज़्यादा जोखिम: इनमें से कोई एक |
|---|---|
| सिर्फ़ एक गाँठ. | एक से ज़्यादा जगह गाँठ. |
| 2 cm से छोटी. | 2 cm या उससे बड़ी. |
| पेशाब में low-grade कोशिकाएँ. | पेशाब में high-grade कोशिकाएँ. |
| Ureteroscopy की biopsy low-grade. | Biopsy high-grade. |
| CT urogram में दीवार में गहरे जाने का संकेत नहीं. | दीवार में गहरे जाती गाँठ, फूली हुई kidney, असामान्य किस्म की कोशिकाएँ, या high-grade मूत्राशय कैंसर के लिए पहले मूत्राशय निकाला गया हो. |
Stage AJCC तरीके से तय होता है. बहुत से मरीज़ों के आँकड़े औसत हैं, आपके लिए भविष्यवाणी नहीं. इसलिए नीचे आगे की राह सिर्फ़ शब्दों में लिखी है.
| Stage | मतलब | आम रास्ता | आगे की राह |
|---|---|---|---|
| Ta या T1, low grade. | अंदरूनी परत में या उसके ठीक नीचे, धीरे बढ़ती कोशिकाएँ. | कम जोखिम की हर बात पूरी हो तो kidney बचाना. | बहुत अच्छी. |
| T1, high grade. | परत के नीचे, आक्रामक कोशिकाएँ. | Kidney और ureter निकालना. Kidney तभी बचाई जाती है जब निकालने से dialysis की नौबत आए. | ज़्यादातर मरीज़ों के लिए अच्छी. |
| T2. | मांसपेशी की दीवार तक. | निकालने के बाद chemotherapy. | लौटने की असली संभावना. ऑपरेशन के बाद की chemotherapy उसे घटाती है. |
| T3. | दीवार के पार चर्बी या kidney के ऊतक तक. | निकालने के बाद chemotherapy. | लौटने की ज़्यादा संभावना. पास से follow-up. |
| T4, या lymph nodes में. | पास के अंगों तक, या nodes में. | पहले दवा. टीम की चर्चा के बाद ही ऑपरेशन. | आमतौर पर निकाला नहीं जा सकता, पर काबू में रखा जाता है. |
Ureter की दीवार kidney की पेशाब वाली थैली की दीवार से पतली है. गाँठ को उसके पार जाने के लिए कम बढ़ना पड़ता है. इसलिए वही T stage ureter में ज़्यादा गंभीर माना जाता है. Stage कुछ भी हो, ये बातें भी जोखिम बढ़ाती हैं:
कम जोखिम की सारी बातें पूरी हों तो kidney बचाना पहली पसंद है. Kidney निकालने से dialysis की नौबत आए, तब भी इस पर विचार होता है.
जैसे सिर्फ़ एक काम करती kidney, दोनों तरफ़ गाँठ, या पहले से बहुत घटा हुआ kidney का काम. Kidney की थैली या ureter के ऊपरी हिस्से की गाँठ पतली दूरबीन से laser द्वारा जलाई जाती है. Ureter के निचले हिस्से की गाँठ उस हिस्से समेत निकालकर ureter को फिर से मूत्राशय से जोड़ा जाता है. 8 हफ़्ते के अंदर दूरबीन से दोबारा देखना इलाज का ही हिस्सा है. फिर बेहोशी में जाँच उम्र भर चलती है. गाँठ लौट सकती है, और बाद में kidney निकालनी भी पड़ सकती है. Kidney बचाना इस जोखिम को मिलकर स्वीकार करने का फ़ैसला है. दोबारा देखने का भरोसा न हो, तो यह नहीं दिया जाना चाहिए.
ज़्यादा जोखिम वाली गाँठ में kidney, पूरा ureter और मूत्राशय का छोटा हिस्सा साथ में, एक ही टुकड़े में निकाले जाते हैं.
यह ऑपरेशन nephroureterectomy वाले पेज पर समझाया गया है. गाँठ मांसपेशी की दीवार तक पहुँची हो तो उस तरफ़ के lymph nodes तय तरीके से निकाले जाते हैं. इससे stage सही मिलता है, और शायद इलाज में भी मदद मिलती है. Kidney और ureter तक सीमित गाँठ दूरबीन या robotic ऑपरेशन से निकाली जाती है. बड़ी गाँठ खुले ऑपरेशन से निकाली जाती है.
आख़िरी रिपोर्ट में T2, T3, T4 या प्रभावित nodes हों, तो platinum वाली chemotherapy की सलाह दी जाती है. यह ऑपरेशन के 90 दिन के अंदर शुरू होनी चाहिए.
Kidney निकालने के बाद kidney का काम घटता है. कुछ लोगों को ऑपरेशन से पहले cisplatin दी जा सकती है, पर बाद में नहीं. तब carboplatin दी जाती है, हालाँकि उसके सबूत कमज़ोर हैं. इसीलिए अस्पताल छोड़ने से पहले ही कैंसर की दवा वाले डॉक्टर से मुलाक़ात तय की जाती है. Immunotherapy पर भी बात हो सकती है. यह कैंसर को लंबे समय तक दूर रख सकती है, पर उम्र बढ़ने का फ़ायदा अभी साबित नहीं है, और इसका खर्च ऊँचा है. ऑपरेशन के 10 दिन के अंदर chemotherapy की एक खुराक मूत्राशय में डाली जाती है.
| स्थिति | मूत्राशय की camera जाँच और पेशाब की कोशिकाएँ | CT urogram |
|---|---|---|
| ज़्यादा जोखिम, निकालने के बाद. | 2 साल तक हर 3 महीने, फिर 5 साल तक हर 6 महीने. | 2 साल तक हर 6 महीने, फिर हर साल. |
| कम जोखिम, निकालने के बाद. | 3 और 9 महीने पर, फिर हर साल. | हर साल. |
| Kidney बचाने के बाद. | 8 हफ़्ते में दूरबीन से दोबारा, फिर 3 और 6 महीने पर, फिर 2 साल तक हर 6 महीने. | हर जाँच के साथ, फिर हर साल. |
| हर मरीज़. | उम्र भर हर साल. ये जाँचें कभी बंद नहीं होतीं. | हर साल, या creatinine के साथ ultrasound. |
नहीं. Stage बताता है कि कैंसर कितना गहरा या कितनी दूर तक गया है. Grade बताता है कि कोशिकाएँ कितनी आक्रामक हैं. दोनों ज़रूरी हैं.
सिर्फ़ तब, जब kidney निकालने से dialysis की नौबत आए, जैसे एक ही kidney हो. तब यह मिलकर लिया गया फ़ैसला है, और जाँच उम्र भर चलती है.
हमेशा नहीं. गाँठ लौट सकती है, और बाद में kidney निकालनी पड़ सकती है. नियमित दूरबीन जाँच यही देखती है.
साफ़ तौर पर प्रभावित nodes में पहले दवा दी जाती है. दवा का असर देखकर कैंसर की टीम चर्चा करे, उसके बाद ही ऑपरेशन पर विचार होता है.
मांसपेशी की दीवार या उससे गहरी गाँठ में ऑपरेशन के बाद देना नियम है. Kidney का काम सीमा पर हो, तभी मरीज़ के हिसाब से पहले देने पर विचार होता है.
ऑपरेशन और kidney बचाने के रास्ते nephroureterectomy वाले पेज पर समझाए गए हैं. शुरुआती संकेत ureter के कैंसर के संकेतों वाले पेज पर हैं. आने से पहले कोई सवाल हो तो कॉल करें +91-63590-11009.
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Consultation: Gota OPD, Gota, Ahmedabad. Surgery: Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar.
Gota OPD — Gota, Ahmedabad, Gujarat
Apollo Hospital, Bhat, Gandhinagar — Apollo Hospital International Limited, Plot No. 1 A, GIDC Bhat Industrial Estate, Bhat, Gandhinagar, Gujarat
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